राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का हमला, बोली- 2024 में जनता ने दिया था संदेश
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या से स्पष्ट संदेश दिया था, लेकिन उससे कोई सीख नहीं ली गई। पार्टी ने मामले में पारदर्शी जांच की मांग करते हुए इसे जनता की आस्था से जुड़ा विषय बताया।
सुप्रिया श्रीनेत ने बीजेपी पर साधा निशाना
कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए यह संदेश फैलाया जा रहा है कि भगवान राम सब देख रहे हैं, इसलिए किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवान राम न्याय और धर्म के प्रतीक हैं और जनता ने 2024 के चुनाव में अयोध्या से जो फैसला दिया, वह भी एक लोकतांत्रिक संदेश था। उनके अनुसार सत्ता पक्ष को उस जनादेश से सीख लेनी चाहिए थी।
जनादेश का हवाला देकर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि अयोध्या में चुनावी परिणामों ने यह संकेत दिया था कि जनता जवाबदेही और पारदर्शिता चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे से जुड़े विवाद पर सरकार और संबंधित पक्ष केवल सफाई देने में लगे हैं, जबकि आवश्यक है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
बीजेपी और आरएसएस पर लगाए गंभीर आरोप
सुप्रिया श्रीनेत ने अपने बयान में बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को यह नहीं मानना चाहिए कि जनता हर बात को अनदेखा कर देगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही अंतिम निर्णय करती है और धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े लोगों को बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
चढ़ावा विवाद पर जारी है राजनीतिक घमासान
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं। एक ओर बीजेपी मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर रही है, वहीं कांग्रेस सहित विपक्षी दल पारदर्शी जांच और जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं। फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।