रामगढ़ में जर्जर सड़क पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, उपखंड कार्यालय का घेराव, निर्माण और जांच की मांग
रामगढ़ उपखंड क्षेत्र के सादन का बास गांव में वर्षों से बदहाल सड़क की समस्या को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों और महिलाओं ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और सड़क निर्माण की मांग के साथ संभावित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। एसडीएम की अनुपस्थिति में प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा गया।
कीचड़ और टूटी सड़क से ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों के अनुसार गांव से मुख्य सड़क तक जाने वाला लगभग एक किलोमीटर लंबा मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़ और पानी से भर जाता है, जिससे आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार दोपहिया वाहन फिसलने से लोग घायल भी हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
अंतिम यात्रा भी बनी चुनौती, उठी गंभीर पीड़ा
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की सबसे बड़ी समस्या श्मशान घाट तक जाने वाले इसी मार्ग को लेकर है। खराब सड़क और बारिश के कारण अंतिम यात्रा निकालना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार मजबूरी में टेंट लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल विकास की नहीं, बल्कि मानव गरिमा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बजट के बावजूद निर्माण न होने पर उठे सवाल
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृत होने की चर्चाएं रही हैं, लेकिन आज तक धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ। इससे ग्रामीणों में गहरा रोष है। उन्होंने मांग की कि यदि बजट जारी हुआ था तो उसका उपयोग कहां हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
आंदोलन की चेतावनी से बढ़ा प्रशासन पर दबाव
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ और मामले की जांच नहीं कराई गई तो वे बड़े जनआंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और युवा मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों को मजबूती से रखा।