भारत-पाक वार्ता पर फिर अटकलें, पाकिस्तानी विश्लेषक बोले- ‘मोदी सरकार फिलहाल बातचीत के पक्ष में नहीं’
भारत और पाकिस्तान के बीच पर्दे के पीछे बातचीत (ट्रैक-2 डिप्लोमेसी) की चर्चाओं के बीच भारत सरकार ने ऐसी सभी अटकलों को खारिज कर दिया है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी अनौपचारिक या आधिकारिक वार्ता को मंजूरी नहीं दी गई है। इसी बीच पाकिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक कमर चीमा ने भी माना है कि मौजूदा परिस्थितियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के पाकिस्तान से बातचीत शुरू करने की संभावना बेहद कम है।
ट्रैक-2 डिप्लोमेसी की खबरों का भारत ने किया खंडन
हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि भारत और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के बीच श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में मुलाकात हुई और दोनों देशों के बीच ट्रैक-2 डिप्लोमेसी के तहत संवाद आगे बढ़ रहा है। हालांकि भारत सरकार के सूत्रों ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताया। सरकार का कहना है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की अनौपचारिक वार्ता को न तो मंजूरी दी गई है और न ही ऐसी कोई प्रक्रिया चल रही है।
पाकिस्तानी विश्लेषक ने भी जताई बातचीत की कम संभावना
पाकिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक और स्वतंत्र टिप्पणीकार कमर चीमा ने कहा कि मौजूदा हालात में भारत सरकार के पाकिस्तान से बातचीत शुरू करने की संभावना बहुत कम दिखाई देती है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार लंबे समय से आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। ऐसे में निकट भविष्य में औपचारिक वार्ता शुरू करना सरकार के लिए राजनीतिक रूप से आसान नहीं होगा। उन्होंने यह भी माना कि भारत की वर्तमान नीति में किसी बड़े बदलाव के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं।
पाकिस्तान ने बातचीत की इच्छा दोहराई
कमर चीमा का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से बातचीत के लिए सकारात्मक रुख बना हुआ है। उनके अनुसार इस समय पाकिस्तान की सरकार और सेना के बीच नीति को लेकर पहले जैसी असहमति नहीं दिख रही, जिससे बातचीत की पहल करना वहां के लिए अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संवाद तभी आगे बढ़ सकता है, जब दोनों पक्ष इसके लिए तैयार हों और राजनीतिक परिस्थितियां अनुकूल बनें।
भारत का रुख पहले जैसा, सिंधु जल संधि पर भी कोई संकेत नहीं
सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत ने सिंधु जल संधि (IWT) में किसी भी प्रकार की रियायत दिए जाने संबंधी खबरों को भी भ्रामक बताया है। सरकार का कहना है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी द्विपक्षीय मुद्दे पर मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। एयरस्पेस, सुरक्षा और अन्य विवादित विषयों पर भारत का रुख पहले जैसा ही बना हुआ है और फिलहाल किसी नई पहल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
द्विपक्षीय संबंधों पर बनी हुई है अनिश्चितता
भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों से कई सुरक्षा और कूटनीतिक मुद्दों के कारण तनावपूर्ण रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच भविष्य में किसी भी तरह की औपचारिक वार्ता तभी संभव होगी, जब सुरक्षा, आतंकवाद और आपसी विश्वास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक माहौल बने। फिलहाल दोनों देशों की ओर से सार्वजनिक रूप से अपने-अपने रुख पर कायम रहने के संकेत मिल रहे हैं।