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ईरान के नए सुप्रीम लीडर का पीएम मोदी को पहला संदेश, भारत-ईरान संबंधों को लेकर जताया भरोसा

ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई ने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए ईद-उल-अज़हा की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया है। अपने संदेश में उन्होंने भारत और ईरान के दशकों पुराने रिश्तों को आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित बताते हुए भविष्य में इन्हें और मजबूत बनाने की उम्मीद जताई। इस संदेश को दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

पीएम मोदी की शुभकामनाओं पर जताया आभार

अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईद-उल-अज़हा शुभकामना संदेश के जवाब में धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री का संदेश उन्हें प्राप्त हुआ और इसके लिए वे हृदय से आभारी हैं। अपने संदेश में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को भी शुभकामनाएं दीं और भारत की जनता की समृद्धि एवं सफलता की कामना की। यह पहली बार है जब नए ईरानी सर्वोच्च नेता की ओर से भारत को लेकर सार्वजनिक रूप से सकारात्मक संदेश सामने आया है।

ऐतिहासिक रिश्तों को और मजबूत बनाने पर जोर

अपने संदेश में मोजतबा खामेनेई ने कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंध आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों की सरकारों के प्रयासों से यह मित्रता आने वाले समय में और अधिक मजबूत होगी तथा सहयोग के नए क्षेत्रों तक विस्तारित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी अंतिम संस्कार में नहीं होंगे शामिल

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल नहीं होंगे। भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और केंद्रीय राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की अनुपस्थिति का कारण उनका पहले से निर्धारित इंडोनेशिया, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया का आधिकारिक दौरा बताया गया है, जिसकी वजह से वे ईरान नहीं जा सकेंगे।

राष्ट्रपति ने दिया था औपचारिक निमंत्रण

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा था। हालांकि पूर्व निर्धारित विदेश यात्राओं के कारण भारत ने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय लिया। यह कदम दर्शाता है कि भारत, ईरान के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को महत्व देता है और औपचारिक स्तर पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करना चाहता है।

जुलाई में कई शहरों में होंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम

ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम जुलाई के पहले सप्ताह में आयोजित किए जाएंगे। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में राजकीय श्रद्धांजलि कार्यक्रम के साथ सार्वजनिक जुलूस भी निकाले जाएंगे। इसके अलावा धार्मिक महत्व वाले शहर कोम और इराक के नजफ तथा कर्बला में भी विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित होने की योजना है। क्षेत्रीय परिस्थितियों के कारण इन कार्यक्रमों को पहले स्थगित किया गया था, जिन्हें अब नए कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जा रहा है।

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