टोंक अस्पतालों की लापरवाही उजागर, कहीं कर्मचारी फिल्म में व्यस्त तो कहीं गाय घूमती नजर आई
राजस्थान के टोंक जिले के सरकारी अस्पतालों की अव्यवस्थाओं ने एक बार फिर सिस्टम की पोल खोल दी है। जनाना अस्पताल में पर्ची काउंटर पर तैनात कर्मचारी के कंप्यूटर पर फिल्म देखने का वीडियो वायरल हुआ है, जबकि सआदत अस्पताल परिसर में गाय घूमती नजर आई। इन घटनाओं के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जनाना अस्पताल में पर्ची काउंटर पर लापरवाही का वीडियो वायरल
टोंक के जनाना अस्पताल में उस समय हंगामा मच गया जब पर्ची काउंटर पर तैनात एक कर्मचारी का वीडियो सामने आया, जिसमें वह ड्यूटी के दौरान कंप्यूटर पर फिल्म देखता हुआ नजर आया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मरीजों और परिजनों में नाराजगी फैल गई। मरीजों का कहना है कि वे कतारों में खड़े इंतजार करते रहे, जबकि कर्मचारी अपने काम की बजाय मनोरंजन में व्यस्त था, जिससे अस्पताल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सआदत अस्पताल परिसर में घूमती गाय, व्यवस्था पर सवाल
जिले के सबसे बड़े सआदत अस्पताल में भी अव्यवस्था का एक और मामला सामने आया, जहां परिसर के अंदर एक गाय घूमती नजर आई। यह दृश्य अस्पताल की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता दिखा। मरीजों और उनके परिजनों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की लापरवाही चिंता का विषय है, जहां संक्रमण और सुरक्षा दोनों को खतरा हो सकता है।
पीएमओ का बयान और उठते सवाल
जनाना अस्पताल के वायरल वीडियो पर पीएमओ डॉ. प्रतीक सालोदिया ने सफाई देते हुए कहा कि कंप्यूटर पर स्पीकर चेक करने के लिए गाना चलाया गया था और संबंधित कर्मचारी को नोटिस जारी किया गया है। हालांकि इस बयान के बाद भी सवाल उठ रहे हैं कि अस्पताल में इस तरह की गतिविधि की आवश्यकता क्यों पड़ी और क्या यह कार्रवाई वास्तविक लापरवाही को ढकने का प्रयास है। आमजन ने इस स्पष्टीकरण पर असंतोष जताया है।
अस्पताल व्यवस्थाओं पर बढ़ता असंतोष
दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद टोंक जिले के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर गंभीर बहस शुरू हो गई है। मरीजों और स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की बजाय लापरवाही बढ़ती जा रही है। प्रशासन से सख्त कार्रवाई और व्यवस्था सुधार की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।