राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत गरम, भाजपा उपाध्यक्ष बोले- पार्टी का कोई लेना-देना नहीं
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला अब राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है। विपक्ष के आरोपों के बीच पंजाब भाजपा उपाध्यक्ष फतेह जंग सिंह बाजवा ने साफ कहा है कि इस मामले से भाजपा का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जांच एजेंसियों को पूरी तरह स्वतंत्र बताया है।
‘बीजेपी का कोई संबंध नहीं’ – बाजवा का बयान
पंजाब भाजपा उपाध्यक्ष फतेह जंग सिंह बाजवा ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर से जुड़े वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी मंदिर ट्रस्ट की है, न कि किसी राजनीतिक दल की। उन्होंने कहा कि अगर किसी प्रकार की अनियमितता या चोरी हुई है तो इसकी जांच ट्रस्ट और सरकार की एजेंसियां कर रही हैं। बाजवा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले को राजनीतिक रंग देना गलत है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
बाजवा ने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि धार्मिक संस्थानों की पवित्रता बनाए रखना जरूरी है और किसी भी तरह की वित्तीय गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को सजा मिलनी तय है।
SIT जांच और शुरुआती बरामदगी से बढ़ा मामला
सूत्रों के अनुसार, SIT जांच शुरू होने से पहले ही लगभग 58 लाख रुपये की बरामदगी हो चुकी थी। यह रकम ट्रस्ट के आंतरिक जांच के दौरान एक आरोपी से मिली थी, जबकि बाकी धनराशि बैंकिंग माध्यम से वापस की गई। बाद में SIT ने मामले की जांच शुरू की और कई लोगों की गिरफ्तारी की गई, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
ट्रस्ट में बदलाव और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस विवाद के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया। इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाए हैं, जबकि VHP ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं फैजाबाद बार एसोसिएशन ने गिरफ्तार आरोपियों के केस न लड़ने का निर्णय लिया है।