अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद गहराया: ट्रस्ट पर गंभीर आरोप, चंपत राय के नार्को टेस्ट की मांग तेज
अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में कथित दानपात्र चढ़ावा चोरी मामले ने नया राजनीतिक और धार्मिक विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर पुलिस ने आठ आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं, वहीं दूसरी ओर धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच और नार्को टेस्ट की मांग की है। मामले को लेकर बहस तेज होती जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी
मामले की जांच के तहत पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के घरों और ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में नकदी, जेवरात और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। जांच एजेंसियां अब बरामद सामग्री की गहन पड़ताल कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह धनराशि और संपत्तियां किस तरह इस कथित चढ़ावा चोरी से जुड़ी हैं। मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
धर्म सेना प्रमुख और पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट में शामिल कुछ लोगों की भूमिका पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दुबे ने कहा कि इन पदाधिकारियों के खिलाफ नामजद शिकायत भी दी गई है और पूरे मामले की पारदर्शी जांच आवश्यक है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
नार्को टेस्ट और ट्रस्ट भंग करने की मांग
संतोष दुबे ने विवाद को और बढ़ाते हुए चंपत राय के नार्को टेस्ट की मांग की है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में देश के चारों शंकराचार्यों को शामिल किया जाना चाहिए ताकि मंदिर संचालन में पूरी पारदर्शिता और विश्वास सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान ट्रस्ट को भंग करने की भी मांग उठाई है और कहा है कि मंदिर प्रबंधन को निष्पक्ष धार्मिक नेतृत्व के हाथों में सौंपा जाना चाहिए।
पुराने विवाद, धमकियों और सुरक्षा चिंता का दावा
पूर्व कारसेवक ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग पहले भी विवादों में रहे हैं और मंदिर से जुड़ी जमीनों के मामलों में अनियमितताओं की बात सामने आती रही है। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा है। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता ने भी सतर्क रहने की सलाह दी है।
राष्ट्रपति को सौंपेंगे पांच सूत्रीय ज्ञापन
संतोष दुबे ने घोषणा की है कि वे पूरे मामले को लेकर राष्ट्रपति को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपेंगे। इस ज्ञापन में ट्रस्ट की उच्चस्तरीय जांच, कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई, सुरक्षा व्यवस्था, और मंदिर प्रबंधन में बड़े सुधार की मांग शामिल होगी। उनका कहना है कि यह कदम श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत करने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए जरूरी है।