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अलवर में पहुंचे 11 प्रदेशों के वन्यजीव विशेषज्ञ और अधिकारी , सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघ पुनर्स्थापन , अवसर एवं चुनौतियां विषय पर कार्यशाला का हुआ आयोजन

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव रहे मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि के तौर पर वन राज्य मंत्री संजय शर्मा की रही मौजूदगी

28 जून, 2008 को दुनिया का पहला सफल बाघ पुनर्वास हुआ था। इसे लेकर रविवार को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की ओर से बाघों के पुनर्वास विषय पर अलवर शहर के एक होटल में राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें बाघ आबादी वाले 11 राज्यों के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक और 20 टाइगर रिजर्व व नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर शामिल हुए है ।
कार्यशाला का उद्घाटन केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और वन मंत्री राजस्थान संजय शर्मा ने किया । कार्यशाला का शुभारंभ सुबह 8.30 बजे हुआ जो शाम 5.30 बजे तक चलेगी। वन अधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया ।

मध्यप्रदेश में चीता पुनर्वास के बारे में वहां के वन अधिकारियों ने चर्चा की ।

इस दौरान अपने क्षेत्रों में बाघ संरक्षण की स्थिति, चुनौतियां और आवास प्रबंधन विचार रखे रखे गए । सरिस्का में बाघ रिलोकेशन पर बनी एक डोक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई जानी है । जिसे नल्ला मुथु: जाने-माने वन्यजीव फिल्म निर्माता द्वारा बनाई गई , नल्ला रणथंभौर और सरिस्का के बाघों पर अनेकों डॉक्यूमेंट्री फिल्म बना चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघ पुनर्स्थापन के 18 वर्ष पूर्ण होने पर सभी देशवासियों और पर्यावरण प्रेमियों को हार्दिक बधाई।

उन्होंने बताया सरिस्का वन अभयारण्य में एक समय बाघ पूरी तरह विलुप्त हो गए थे, आज वही सरिस्का 56 बाघों की दहाड़ से गुंजायमान है। यह केवल बाघों की वापसी नहीं, बल्कि प्रकृति के पुनर्जागरण, वैज्ञानिक संरक्षण और सामूहिक संकल्प की प्रेरक गाथा है।

सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघ पुनर्स्थापन कार्यक्रम वन्यजीव संरक्षण और प्रजाति पुनर्स्थापन के क्षेत्र में न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक ऐतिहासिक और अनुकरणीय उपलब्धि है।

इस ऐतिहासिक सफलता के लिए मैं वन विभाग के सभी वनकर्मियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों, वन्यजीव विशेषज्ञों, स्थानीय समुदायों तथा इस अभियान से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को उन्होंने बधाई दी , उन्होंने कहा उनके समर्पण, अथक परिश्रम और निरंतर प्रयासों ने इस असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य को संभव बनाया है।

यादव ने कहा प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत ने वन्यजीव संरक्षण को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। आज भारत विश्व के लगभग 75% जंगली बाघों का सुरक्षित आवास है, जो हमारी संरक्षण नीति, जनभागीदारी और प्रकृति के प्रति हमारी सांस्कृतिक आस्था का प्रमाण है।

उन्होंने कहा आज इस अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि सरिस्का की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने और हम प्रकृति तथा वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अपने प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाएं।

वही वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने भी सरिस्का सहित राजस्थान के अन्य वन क्षेत्रों की चुनौतियों और उपलब्धियों को विस्तार से रखा , उन्होंने बताया आज सरिस्का में बाघों की संख्या 56 तक पहुंची है जो कभी सरिस्का बाघ विहीन हो गया था ।

शाम को सरिस्का टाइगर रिजर्व की फील्ड विजिट भी सभी अतिथियों को करवाई जाएगी।

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