कोटपूतली में कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला, पेपर लीक से शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
राजस्थान के कोटपूतली में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और हालिया पेपर लीक मामलों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। नेताओं का कहना है कि इन घटनाओं से करीब 21 लाख छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इस संकट को संभालने में विफल रही है।
पेपर लीक से 21 लाख छात्रों पर असर का दावा
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हालिया पेपर लीक प्रकरण ने राज्य की परीक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उनके अनुसार, इस घटना से लगभग 21 लाख विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य प्रभावित हुआ। नेताओं ने दावा किया कि लगातार उठाए गए मुद्दों के बाद सरकार को कुछ परीक्षाएं रद्द कर दोबारा आयोजित करनी पड़ी, जो व्यवस्था की गंभीर खामियों को दर्शाता है।
शिक्षा में समान अवसर को लेकर कांग्रेस का दावा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी हमेशा से शिक्षा में समान अवसर और सामाजिक न्याय के पक्ष में रही है। उन्होंने आरटीई कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने का अधिकार दिया। साथ ही अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की शुरुआत का हवाला देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना उनका लक्ष्य रहा है।
सरकार की कार्यशैली और जवाबदेही पर सवाल
प्रेसवार्ता में नेताओं ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार केवल बड़े दावों तक सीमित है, जबकि वास्तविक दोषियों तक कार्रवाई नहीं पहुंच रही। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे मामलों में कार्रवाई की जा रही है, लेकिन बड़े स्तर पर लापरवाही बरकरार है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर पा रही हैं। इसी आधार पर उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। नेताओं ने यह भी कहा कि सरकार को शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में स्पष्ट और ठोस रोडमैप जनता के सामने रखना चाहिए।