“आदर्श” सिर्फ नाम का! अलवर के बाम्बोली PHC में महीनों से डॉक्टर गायब, बिना जांच लौट रहे मरीज
राजस्थान सरकार की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की योजनाओं के बीच अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र स्थित बाम्बोली आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था सवालों के घेरे में है। यहां कई महीनों से स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। जांच सुविधाएं भी ठप हैं और मूलभूत व्यवस्थाओं के अभाव ने ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
डॉक्टर नहीं, कंपाउंडर और ANM के भरोसे चल रहा स्वास्थ्य केंद्र
रामगढ़ तहसील के बाम्बोली गांव स्थित आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं है। जानकारी के अनुसार, जांच अधिकारी भी अवकाश पर हैं, जिससे स्वास्थ्य केंद्र की पूरी जिम्मेदारी कंपाउंडर और एएनएम के कंधों पर आ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में मरीजों को दवाइयां दी जा रही हैं, जबकि कई मामलों में चिकित्सकीय जांच और परामर्श आवश्यक होता है। इससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
लैब बंद, जांच सुविधाएं ठप, मरीजों को लौटना पड़ रहा खाली हाथ
स्वास्थ्य केंद्र में शुगर, ब्लड प्रेशर और खून की जांच जैसी बुनियादी जांच सुविधाएं भी प्रभावित हैं। लैब टेक्नीशियन के नहीं होने से जांच कक्ष बंद पड़ा है और मशीनें उपयोग में नहीं आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जांच नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में लगभग 20 किलोमीटर दूर अलवर शहर के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च और परेशानी का कारण बन रहा है।
पानी, छाया और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव
स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। परिसर में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है, मरीजों के बैठने के लिए पर्याप्त छाया उपलब्ध नहीं है और साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं बताई जा रही। गर्मी के मौसम में बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य मरीज पेड़ के नीचे बैठकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं। वहीं, आपातकालीन स्थिति में 108 एम्बुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
10 हजार से अधिक आबादी प्रभावित, ग्रामीणों ने की तत्काल व्यवस्था की मांग
बाम्बोली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करीब 10 हजार से अधिक आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किया गया था। लेकिन डॉक्टर और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की कमी के कारण क्षेत्र के लोगों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्र में जल्द स्थायी चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।