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24 साल के सट्टा कारोबार पर पुलिस की बड़ी चोट, रईस अंसारी की 97 लाख की संपत्ति फ्रीज

राजस्थान के बारां जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से सट्टे के कारोबार से जुड़े आरोपी रईस अंसारी की लगभग 97 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज कर दी। पुलिस का दावा है कि यह संपत्ति अवैध कमाई से अर्जित की गई थी। मामले में विस्तृत जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।

24 वर्षों से सट्टे के कारोबार में सक्रिय था आरोपी

पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि जिले में जुआ, सट्टा, अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान बड़ोरा निवासी रईस अंसारी की गतिविधियां जांच के दायरे में आईं। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले करीब 24 वर्षों से सट्टे के अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ वर्ष 2002 से 2025 के बीच मोठपुर थाने में कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

अवैध कमाई से बनाई करोड़ों की संपत्ति पर कार्रवाई

पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी और उसके परिवार के पास आय का कोई स्थायी एवं वैध स्रोत नहीं था, इसके बावजूद लगातार नई संपत्तियां खरीदी जा रही थीं। जांच एजेंसियों ने उपलब्ध दस्तावेजों और आर्थिक गतिविधियों का विश्लेषण करने के बाद करीब 96 लाख 97 हजार 245 रुपये मूल्य की संपत्ति को अवैध आय से अर्जित मानते हुए फ्रीज कर दिया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अपराध से अर्जित आर्थिक लाभ पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

भोले-भाले लोगों को सट्टे में लगवाता था दांव

पुलिस के अनुसार रईस अंसारी क्षेत्र में सट्टे की खाईवाली का सक्रिय संचालक था। आरोप है कि वह लोगों को सट्टे के अंकों पर रुपये लगाने के लिए प्रेरित करता था और इसी माध्यम से लंबे समय तक अवैध कमाई करता रहा। जांच में यह भी सामने आया कि इस अवैध कारोबार से अर्जित धन का उपयोग संपत्तियां खरीदने और आर्थिक नेटवर्क मजबूत करने में किया गया। पुलिस अब आरोपी की अन्य वित्तीय गतिविधियों और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है।

अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने पर पुलिस का फोकस

बारां पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अपराध से अर्जित संपत्तियों पर भी लगातार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध से कमाई गई संपत्ति पर कानूनी कार्रवाई करना भी संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों की आर्थिक जांच कर उनके खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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