#राज्य-शहर #हेल्थ न्यूज़

एम्स जोधपुर में दुर्लभ सर्जरी सफल, 20 वर्षीय युवती के पेट से निकला 62 सेंटीमीटर लंबा बालों का गुच्छा

एम्स जोधपुर के चिकित्सकों ने एक दुर्लभ और जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 20 वर्षीय युवती के पेट से 62 सेंटीमीटर लंबा बालों का गुच्छा निकाला है। चिकित्सकों के अनुसार यह गुच्छा पेट से निकलकर छोटी आंत के प्रारंभिक हिस्से तक फैल चुका था। लंबे समय से पेट दर्द, भूख में कमी और वजन घटने की समस्या से जूझ रही युवती की सफल सर्जरी के बाद अब उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

बाल निगलने की आदत बनी गंभीर बीमारी की वजह

एम्स जोधपुर के डॉक्टरों के अनुसार युवती को लंबे समय से बाल चबाकर निगलने की आदत थी। चूंकि बाल पाचन तंत्र में पचते नहीं हैं, इसलिए वे धीरे-धीरे पेट में जमा होकर एक बड़े ठोस गुच्छे का रूप ले लेते हैं। समय के साथ यह गुच्छा इतना बड़ा हो गया कि पेट से आगे बढ़कर छोटी आंत के प्रारंभिक भाग तक पहुंच गया। इसी कारण मरीज को लगातार पेट दर्द, भूख कम लगना और तेजी से वजन घटने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

दुर्लभ बीमारी ट्राइकोबेजोअर और रैपुंजेल सिंड्रोम का मामला

चिकित्सकों ने बताया कि युवती ट्राइकोबेजोअर नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थी, जिसमें निगले गए बाल पेट में इकट्ठा होकर बड़ा गुच्छा बना लेते हैं। जब यह गुच्छा पेट से आगे छोटी आंत तक फैल जाता है तो इस स्थिति को रैपुंजेल सिंड्रोम कहा जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया भर में इस तरह के मामले बेहद कम दर्ज किए गए हैं। यह समस्या अक्सर ट्राइकोटिलोमेनिया और ट्राइकोफेजिया जैसे मनोवैज्ञानिक व्यवहार संबंधी विकारों से जुड़ी हो सकती है।

विशेषज्ञ टीम ने सफलतापूर्वक किया ऑपरेशन

इस जटिल सर्जरी को एम्स जोधपुर के सर्जरी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. महेंद्र लोढ़ा के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों और नर्सिंग टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट से करीब 62 सेंटीमीटर लंबा बालों का गुच्छा निकाला गया, जो सामान्य युवती की चोटी के बराबर लंबा था। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों ने इसे दुर्लभ लेकिन सफल चिकित्सा उपलब्धि बताया है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

चिकित्सकों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक लगातार पेट दर्द, बिना कारण वजन घटना, भूख कम लगना, बार-बार उल्टी होना या पेट में भारीपन और गांठ जैसा महसूस हो तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। ऐसे लक्षण सामान्य गैस या अपच के नहीं भी हो सकते हैं। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। विशेष रूप से यदि किसी व्यक्ति में बाल चबाने या निगलने की आदत हो तो मनोवैज्ञानिक परामर्श भी आवश्यक हो सकता है।

इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है

विशेषज्ञों के अनुसार यदि ट्राइकोबेजोअर का समय पर इलाज नहीं किया जाए तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। बालों का बड़ा गुच्छा आंतों में रुकावट पैदा कर सकता है, जिससे भोजन का मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। इसके अलावा अल्सर, आंतरिक रक्तस्राव, कुपोषण और आंत फटने जैसी जानलेवा स्थितियां भी विकसित हो सकती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल सर्जरी ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि भविष्य में समस्या दोबारा न हो इसके लिए मनोवैज्ञानिक उपचार और नियमित फॉलोअप भी जरूरी होता है।

60 कैरेक्टर (SEO Title):

160 कैरेक्टर (Meta Description):

Focus Keyword:

Additional Keywords (हिंदी):

Website Slug:
aiims-jodhpur-rare-surgery-hairball-trichobezoar-rapunzel-syndrome

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *