राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: कोर्ट ने सभी 8 आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले में जांच तेज हो गई है। इस प्रकरण में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) की निगरानी में जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
कोर्ट में पेशी के बाद तीन दिन की न्यायिक हिरासत
शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच कर रही हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर गबन, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य तकनीकी प्रमाणों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आवश्यकतानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
आठ लोगों को बनाया गया नामजद आरोपी
एफआईआर में आठ लोगों को नामजद किया गया है। जांच एजेंसियां आरोपियों की भूमिका, कथित वित्तीय अनियमितताओं और अन्य संबंधित पहलुओं की विस्तार से जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को निष्पक्ष तरीके से परखा जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।
जांच के बीच ट्रस्ट पदाधिकारियों के इस्तीफे चर्चा में
मामले की जांच के बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे ने इस प्रकरण को और चर्चा में ला दिया है। हालांकि, इन इस्तीफों के कारणों को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और एसआईटी का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।