निंबाहेड़ा आत्महत्या मामला: सुसाइड नोट और चैट से जांच में नया मोड़, कब्र से निकलवाया गया शव
चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा में 22 वर्षीय युवती की आत्महत्या का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। अंतिम संस्कार के बाद परिजनों को युवती के मोबाइल से मिले व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग और कथित सुसाइड नोट ने जांच की दिशा बदल दी है। नए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एक युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण का मामला दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की अनुमति से शव को कब्र से निकालकर मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया है।
मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों ने बदली जांच की दिशा
पुलिस के अनुसार 22 जून को युवती अपने घर की ऊपरी मंजिल पर फंदे से लटकी मिली थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर परिजनों ने शव को दफना दिया था। दो दिन बाद जब परिवार ने युवती का मोबाइल फोन चालू किया तो उसमें कई व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल जानकारियां मिलीं। परिजनों का कहना है कि इन सबूतों से युवती की मानसिक स्थिति और उसके साथ हुए घटनाक्रम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से मामले की दोबारा जांच की मांग की।
सुसाइड नोट और आरोपों के आधार पर दर्ज हुआ मामला
परिजनों ने पुलिस को एक कथित सुसाइड नोट भी सौंपा है। उनका आरोप है कि एक युवक ने युवती को शादी का भरोसा देकर लंबे समय तक संबंध बनाए रखा और बाद में शादी से इनकार कर दिया। परिवार का कहना है कि इससे युवती गहरे मानसिक तनाव में चली गई और उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। पुलिस ने शिकायत, डिजिटल साक्ष्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
कब्र से शव निकालकर मेडिकल बोर्ड से कराया पोस्टमार्टम
नए तथ्यों के सामने आने के बाद पुलिस ने उपखंड अधिकारी से अनुमति लेकर युवती का शव कब्र से निकलवाया। इसके बाद मेडिकल बोर्ड की निगरानी में दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया, ताकि मृत्यु से जुड़े सभी पहलुओं की वैज्ञानिक जांच की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच से प्राप्त निष्कर्ष आगे की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को भी फोरेंसिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है।
पुलिस कर रही हर पहलू की गहन जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मोबाइल से मिले चैट, कॉल रिकॉर्डिंग, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आत्महत्या से पहले युवती किन परिस्थितियों से गुजर रही थी और उपलब्ध साक्ष्यों का घटनाक्रम से क्या संबंध है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा रहा है।