होर्मुज स्ट्रेट में फिर बढ़ी जहाजों की आवाजाही, लेकिन युद्ध से पहले की स्थिति अभी दूर
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। हालांकि समुद्री गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य होने लगी हैं, लेकिन ट्रैफिक अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी नीचे बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा चिंताओं और नए नौवहन नियमों के कारण जहाज अभी भी सतर्क रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
एक दिन में 70 जहाजों की आवाजाही दर्ज
समुद्री विश्लेषण फर्म केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट से कुल 70 जहाजों ने गुजरकर हाल के महीनों का सबसे बड़ा आंकड़ा दर्ज किया। यह संख्या उस दौर के बाद सबसे अधिक मानी जा रही है, जब क्षेत्रीय संघर्ष के चलते समुद्री यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ था। फिर भी यह गतिविधि सामान्य शांतिकाल की तुलना में लगभग आधी ही है।
तेल, गैस और उर्वरक ले जाने वाले जहाजों की संख्या बढ़ी
बुधवार को स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों में कम से कम 56 कमोडिटी वेसल शामिल थे। इनमें कच्चा तेल, एलएनजी, गैस, उर्वरक और अन्य बल्क कार्गो लेकर चलने वाले टैंकर प्रमुख रहे। गुरुवार दोपहर तक भी 15 कमोडिटी जहाज इस जलमार्ग से गुजर चुके थे, जो पिछले कुछ महीनों के औसत से अधिक है।
फंसे नाविकों की वापसी भी शुरू
युद्ध के दौरान खाड़ी क्षेत्र में फंसे हजारों नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में शुरू किए गए राहत अभियान के तहत कई जहाज सुरक्षित मार्गों से बाहर निकल रहे हैं। कुछ शिपिंग कंपनियों ने पुष्टि की है कि उनके जहाज खाड़ी से बाहर निकल चुके हैं, जबकि कुछ अब भी सुरक्षित अनुमति का इंतजार कर रहे हैं।
युद्ध से पहले जैसी स्थिति अभी नहीं
समुद्री विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैफिक बढ़ने के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। पहले जहाज मुख्य टोल-फ्री समुद्री कॉरिडोर का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब कई जहाज वैकल्पिक मार्ग अपना रहे हैं। इससे यह साफ है कि सुरक्षा जोखिम अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।
ईरान की सख्ती बरकरार
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी अनुमति के बिना होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई की जा सकती है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तरी मार्गों पर ईरान का नियंत्रण पहले की तुलना में अधिक सख्त हो गया है और जहाजों को चरणबद्ध तरीके से अनुमति दी जा रही है। दूसरी ओर, दक्षिणी समुद्री कॉरिडोर का उपयोग करने वाले जहाज अमेरिकी नौसैनिक निगरानी में आगे बढ़ रहे हैं।
समुद्री सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय प्रयास जारी
इस बीच यूरोपीय देशों के माइनस्वीपिंग जहाज भी क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। इनका उद्देश्य समुद्री मार्गों में बिछाई गई संभावित बारूदी सुरंगों को हटाकर सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करना है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक पर सामान्य संचालन जल्द बहाल हो सके।