दिल्ली मर्डर केस: मां की गोद से मासूम को उठाने के लिए 45 मिनट तक करता रहा इंतजार, पूछताछ में आरोपी ने किए चौंकाने वाले खुलासे
दिल्ली के महरौली में मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार कैब ड्राइवर ने कथित तौर पर बताया कि उसने बच्ची का अपहरण करने के लिए काफी देर तक मौके की रेकी की और सही समय का इंतजार किया। फिलहाल पुलिस फोरेंसिक जांच, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
मां की गोद से बच्ची को उठाने के लिए करता रहा इंतजार
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने बच्ची को पहले उसकी मां की बांहों में सोते हुए देखा था। इसी कारण वह तत्काल वारदात को अंजाम नहीं दे सका और आसपास ही काफी देर तक नजर बनाए रखी। जांच में सामने आया है कि जब बच्ची नींद में करवट लेकर मां से कुछ दूरी पर हुई, तब आरोपी ने उसे उठा लिया। पुलिस इस बयान की पुष्टि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और तकनीकी जांच के जरिए कर रही है।
कार के भीतर और घटनास्थल से जुटाए गए अहम सबूत
जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से खून के धब्बे, एक तौलिया और खून से सने पत्थर बरामद किए हैं। इसके अलावा कार के अंदर और शव मिलने वाले स्थान से बालों के नमूने भी एकत्र किए गए हैं। सभी सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटनास्थल और वाहन से मिले जैविक एवं अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य आरोपी के बयान से मेल खाते हैं या नहीं।
फोरेंसिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी जांच
पुलिस का कहना है कि कार और घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है। वाहन से मिले संभावित जैविक नमूनों, कपड़ों और अन्य वस्तुओं का परीक्षण केंद्रीय फोरेंसिक प्रयोगशाला में कराया जाएगा। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डीएनए जांच और अन्य मेडिकल रिपोर्ट का भी इंतजार है। अधिकारियों के अनुसार इन रिपोर्टों के आधार पर मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पुष्टि हो सकेगी।
आरोपी की पृष्ठभूमि और पुलिस की आगे की कार्रवाई
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह पहले पुलिस सेवा में भर्ती होने की तैयारी कर चुका था, लेकिन सफल नहीं हो सका। फिलहाल पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड, गतिविधियों और वारदात से पहले की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। साथ ही संबंधित कैब एग्रीगेटर कंपनी से ड्राइवर के सत्यापन और भर्ती प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच जारी है तथा सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।