ईरान के गुप्त बंकर का खुलासा: खामेनेई की सुरक्षा के लिए बनाए गए थे ब्लास्ट-प्रूफ शेल्टर और सुरंगें
ईरान की राजधानी तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के सरकारी आवास के पास बने कथित गुप्त अंडरग्राउंड बंकर कॉम्प्लेक्स को लेकर नया खुलासा हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक इस परिसर में मिसाइल और बम हमलों से सुरक्षा के लिए ब्लास्ट-रेसिस्टेंट शेल्टर, कई भूमिगत सुरंगें और बहुस्तरीय पार्किंग जैसी सुविधाएं मौजूद थीं। दावा किया गया है कि मार्च में हुए इजरायली हवाई हमले के दौरान इस ठिकाने को भी निशाना बनाया गया था।
तेहरान में बना था हाई-सिक्योरिटी अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स
विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान के मध्य क्षेत्र में स्थित इस कथित अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स का निर्माण तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस परिसर में विस्फोटों का सामना करने में सक्षम विशेष कक्ष, भूमिगत रास्ते और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था मौजूद थी। यह संरचना कथित तौर पर खामेनेई के आधिकारिक आवास के बेहद करीब बनाई गई थी, ताकि किसी भी सैन्य संकट की स्थिति में सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा सके।
2009 में शुरू हुआ था निर्माण, IRGC की रही अहम भूमिका
रिपोर्ट के मुताबिक इस परियोजना का निर्माण वर्ष 2009 में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की देखरेख में कराया गया था। निर्माण और वित्तीय व्यवस्था में खातम अल-अंबिया कंस्ट्रक्शन हेडक्वार्टर की भी भूमिका बताई गई है। बताया जाता है कि इस परिसर का प्रवेश द्वार इतना बड़ा था कि वाहन सीधे भूमिगत हिस्से तक जा सकते थे। पूरा ढांचा जमीन से लगभग 30 मीटर नीचे विकसित किया गया था, जिससे इसे हवाई हमलों से अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
सुरंगों के जरिए तैयार किया गया था आपातकालीन निकासी मार्ग
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस कॉम्प्लेक्स के भीतर करीब 27 मीटर लंबी एक मुख्य सुरंग बनाई गई थी, जो आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए तैयार की गई थी। इसके अलावा एक अन्य भूमिगत मार्ग तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर के पास स्थित पार्किंग गैराज तक पहुंचता था। इन सुरंगों को कई वैकल्पिक रास्तों से जोड़ा गया था, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में सुरक्षित तरीके से बाहर निकला जा सके और दुश्मन के लिए वास्तविक निकासी मार्ग का पता लगाना कठिन हो।
इजरायली हमले के बाद फिर चर्चा में आया बंकर
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान-इजरायल तनाव बढ़ने के दौरान मार्च में इजरायली सेना ने अपनी खुफिया जानकारी के आधार पर इस कथित भूमिगत ठिकाने को निशाना बनाया था। बताया गया कि कई लड़ाकू विमानों ने इस इलाके पर बमबारी की, ताकि भूमिगत संरचना की सटीक स्थिति का पता लगाया जा सके और उसे नुकसान पहुंचाया जा सके। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दोनों पक्षों की ओर से इस संबंध में अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं।
पांच मंजिला भूमिगत कार्यालय और ब्लास्ट-प्रूफ शेल्टर का दावा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस परिसर के भीतर वरिष्ठ अधिकारियों के लिए पांच मंजिला भूमिगत कार्यालय, तीन-स्तरीय पार्किंग, प्रशिक्षण सुविधाएं और दो अलग-अलग शेल्टर मौजूद थे। इनमें से एक शेल्टर में विशेष ब्लास्ट-रेसिस्टेंट कमरा बनाया गया था, जिसे मिसाइल हमलों से सुरक्षा के लिए तैयार किया गया था। सूत्रों के अनुसार पूरा परिसर एक स्पोर्ट्स सेंटर के नीचे विकसित किया गया था, जिससे इसकी वास्तविक मौजूदगी लंबे समय तक सार्वजनिक नजरों से छिपी रह सके। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।