#देश दुनिया

इबोला अलर्ट के बीच भारत का बड़ा कदम, लॉन्च हुआ Air Suvidha 2.0 पोर्टल

अफ्रीका के कुछ देशों में इबोला वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी को और मजबूत कर दिया है। इसी दिशा में नागरिक उड्डयन मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के सहयोग से ‘एयर सुविधा 2.0’ पोर्टल लॉन्च किया गया है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विदेश से आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जानकारी पहले से जुटाकर संभावित संक्रमण के मामलों की समय रहते पहचान करने में मदद करेगा।

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अनिवार्य हुआ हेल्थ डिक्लेरेशन

इबोला वायरस के संभावित खतरे को रोकने के लिए भारत सरकार ने एयर सुविधा 2.0 पोर्टल को लागू कर दिया है। अब विदेशों से भारत आने वाले यात्रियों को यात्रा से पहले ऑनलाइन हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करना और किसी भी संदिग्ध संक्रमण की शुरुआती पहचान सुनिश्चित करना है। नई प्रणाली पूरी तरह पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस है, जिससे एयरपोर्ट पर यात्रियों को लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। सरकार का मानना है कि यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

21 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री और स्वास्थ्य जानकारी देनी होगी

एयर सुविधा 2.0 के तहत यात्रियों को अपनी पिछली 21 दिनों की यात्रा का विवरण, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने की जानकारी और किसी भी संभावित लक्षण का उल्लेख करना होगा। यह जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों को जोखिम वाले यात्रियों की पहचान करने में मदद करेगी। पोर्टल के माध्यम से एकत्र किया गया डेटा विभिन्न एजेंसियों के साथ तुरंत साझा किया जाएगा, जिससे निगरानी और प्रतिक्रिया की प्रक्रिया तेज हो सके। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल जांच बढ़ाना नहीं, बल्कि संभावित संक्रमण को देश में प्रवेश करने से पहले रोकना भी है।

फ्लाइट से पहले ऑनलाइन भर सकेंगे फॉर्म

सरकार ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले तक ऑनलाइन फॉर्म भर लें। इसे फ्लाइट बोर्डिंग या वेब चेक-इन के दौरान भी पूरा किया जा सकता है। एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद यात्रियों को केवल डाउनलोड या डिजिटल कॉपी दिखानी होगी। इससे कागजी औपचारिकताओं की जरूरत समाप्त हो जाएगी और आगमन प्रक्रिया अधिक सुगम बन सकेगी। डिजिटल प्रणाली के कारण यात्रियों का समय भी बचेगा और स्वास्थ्य जांच व्यवस्था अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकेगी।

रियल-टाइम डेटा शेयरिंग से होगी त्वरित कार्रवाई

एयर सुविधा 2.0 की सबसे बड़ी खासियत इसकी रियल-टाइम डेटा शेयरिंग तकनीक है। यात्री द्वारा जमा की गई जानकारी तुरंत एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, आईडीएसपी और संबंधित राज्य निगरानी एजेंसियों तक पहुंच जाएगी। इससे संदिग्ध मामलों की तुरंत पहचान कर आवश्यक चिकित्सा और निगरानी कदम उठाए जा सकेंगे। वहीं सामान्य यात्रियों को किसी अतिरिक्त जांच या देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह तकनीक स्वास्थ्य सुरक्षा और यात्री सुविधा के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है।

WHO की चेतावनी के बाद बढ़ी सतर्कता

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा अफ्रीकी देशों में इबोला संक्रमण को लेकर वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल की चेतावनी जारी किए जाने के बाद भारत ने यह कदम उठाया है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और आसपास के देशों में संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए भारत ने अपने सभी प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती स्क्रीनिंग और डेटा आधारित निगरानी किसी भी संक्रामक बीमारी को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

स्वास्थ्य सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती

एयर सुविधा 2.0 केवल इबोला संक्रमण की रोकथाम तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए एक मजबूत डिजिटल ढांचा तैयार करता है। इससे यात्रियों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया तेज होगी, स्वास्थ्य एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर होगा और संभावित संक्रमण के मामलों पर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का उद्देश्य सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करते हुए देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को और मजबूत बनाना है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *