रायपुर के 700 से अधिक कोचिंग सेंटरों में फायर ऑडिट नहीं, छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद रायपुर में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। जांच में सामने आया है कि शहर के 700 से अधिक कोचिंग सेंटर बिना फायर ऑडिट के संचालित हो रहे हैं। कई संस्थानों में आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, पर्याप्त वेंटिलेशन और अन्य जरूरी सुरक्षा सुविधाओं का अभाव पाया गया है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हजारों छात्रों की सुरक्षा दांव पर, फायर ऑडिट तक नहीं
रायपुर में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर केवल गुमाश्ता लाइसेंस के आधार पर संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों में प्रतिदिन हजारों छात्र पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की स्थिति चिंताजनक है। जांच में पता चला है कि अधिकांश कोचिंग सेंटरों ने फायर सेफ्टी ऑडिट नहीं कराया है। कई जगहों पर कक्षाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा है, जबकि आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद नहीं है। इससे छात्रों और अभिभावकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां
जिला प्रशासन के निर्देश पर गठित निरीक्षण टीम ने कई प्रमुख कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ संस्थानों में क्षमता से अधिक विद्यार्थियों के बैठने और वेंटिलेशन की कमी जैसी समस्याएं सामने आईं। वहीं कई स्थानों पर फायर सेफ्टी, प्रवेश-निकास व्यवस्था और आपातकालीन सुरक्षा मानकों में भी कमियां पाई गईं। संबंधित संस्थानों को निर्धारित समय सीमा में व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
संकरी गलियों और कॉम्प्लेक्स में चल रहे कई कोचिंग सेंटर
शहर के विभिन्न इलाकों में कई कोचिंग सेंटर ऐसे भवनों और कॉम्प्लेक्स में संचालित हो रहे हैं जहां प्रवेश और निकास के सीमित रास्ते हैं। कई स्थानों पर एक ही सीढ़ी या संकरे मार्ग से सैकड़ों विद्यार्थियों का आवागमन होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी आपात स्थिति में ऐसी संरचनाएं बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। कई संस्थानों में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी कमी देखी गई।
पुरानी जांचों पर भी उठे सवाल, कार्रवाई का इंतजार
रायपुर में सुरक्षा मानकों को लेकर पहले भी जांच अभियान चलाए गए थे, लेकिन कई मामलों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या हर बार किसी बड़े हादसे के बाद ही सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा होगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस बार सभी कोचिंग संस्थानों की व्यापक जांच की जा रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे संस्थानों को सील भी किया जा सकता है।
प्रशासन ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जिला प्रशासन और नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण टीमों को शहरभर के कोचिंग सेंटरों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। अधिकारियों के अनुसार जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त हो सके।