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बीकानेर में साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा, 20 लाख की आपसी रंजिश ने खोला करोड़ों का खेल


बीकानेर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए गैंगस्टर रोहित गोदारा गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 20 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद और फायरिंग की घटना ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर ठगी की रकम को क्रिप्टो और हवाला के जरिए गैंग तक पहुंचाते थे।

आपसी झगड़े से खुला साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क

बीकानेर के रामपुरा बस्ती क्षेत्र में 20 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस के अनुसार गैंग से जुड़े संदीप स्वामी और मुकेश बिश्नोई के बीच पैसे के बंटवारे को लेकर झगड़ा इतना बढ़ गया कि मामला फायरिंग तक पहुंच गया। इसी घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिससे साइबर ठगी और क्रिप्टो ट्रांजेक्शन के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पिछले एक साल से संगठित साइबर अपराध में सक्रिय थे।

फायरिंग केस से शुरू हुई जांच, सामने आए चौंकाने वाले लिंक

मुक्ताप्रसाद नगर थाना क्षेत्र में दर्ज फायरिंग केस के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की गहन जांच शुरू की। जांच में पता चला कि 8 जून को दोनों के बीच 20 लाख रुपये को लेकर गंभीर विवाद हुआ था, जिसके बाद रिश्ते बिगड़ गए और आपसी दुश्मनी बढ़ गई। पुलिस निरीक्षक रमेश सर्वटा के अनुसार, जांच के दौरान आरोपियों के डिजिटल ट्रांजेक्शन और ऑनलाइन पेमेंट रिकॉर्ड ने पूरे नेटवर्क की दिशा स्पष्ट कर दी। संदीप स्वामी द्वारा चित्तौड़गढ़ से खरीदी गई पिस्टल का भुगतान भी फोन-पे के जरिए किए जाने की पुष्टि हुई है।

क्रिप्टो और हवाला के जरिए चलता था ठगी का खेल

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त राशि को पहले अपने और गैंग के अन्य सदस्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे। इसके बाद विशेष एप्लीकेशन और क्लोन टूलकिट की मदद से इस रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर अपराधियों तक पहुंचाया जाता था। यह पूरा नेटवर्क हवाला और डिजिटल करेंसी के माध्यम से काम करता था, जिससे पुलिस के लिए पैसों की ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती थी। जांच एजेंसियां अब इस पूरे क्रिप्टो नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

गैंगस्टर रोहित गोदारा नेटवर्क से जुड़े तार

पुलिस का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा गिरोह से जुड़ा हुआ है। आरोपियों पर साइबर ठगी की रकम को अपराधियों तक पहुंचाने और फाइनेंशियल सपोर्ट देने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि देश के विभिन्न राज्यों से दर्ज लगभग 23 एनसीआरपी शिकायतों में करीब 50 लाख रुपये की राशि इन खातों में ट्रांसफर हुई है। पुलिस अब अन्य बैंक खातों और संदिग्ध लेन-देन की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

दोस्ती से दुश्मनी तक पहुंचा रिश्ता

जानकारी के अनुसार संदीप स्वामी और मुकेश बिश्नोई पहले अच्छे दोस्त थे, लेकिन धीरे-धीरे पैसों के बंटवारे और वर्चस्व को लेकर उनके बीच विवाद बढ़ता गया। यह विवाद पहले छोटी कहासुनी से शुरू होकर बाद में हिंसक झड़प और फायरिंग तक पहुंच गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी अब एक-दूसरे के कट्टर विरोधी बन चुके हैं और उनके बीच कई बार पहले भी झगड़े हो चुके हैं। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ जारी है।

पुलिस रिमांड में जारी है पूछताछ

साइबर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों संदीप स्वामी और मुकेश बिश्नोई को सीजेएम कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान साइबर ठगी की रकम, क्रिप्टो ट्रांजेक्शन और हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अहम खुलासे होने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से पूरे गैंग की संरचना और इसके अंतरराज्यीय नेटवर्क की महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

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