केतन अग्रवाल मौत मामला: बचाव पक्ष ने हत्या के आरोपों पर उठाए सवाल, जांच के बीच केस में नया मोड़
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मौत मामले में जांच के बीच नया मोड़ सामने आया है। आरोपी चेतन चौधरी के वकील ने दावा किया है कि उनके मुवक्किल के खिलाफ अब तक कोई प्रत्यक्ष और ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है। वहीं पुलिस इसे सुनियोजित हत्या की साजिश मानकर जांच कर रही है। अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
अदालत में दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत
केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी को अदालत ने 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की कई कड़ियां अभी जोड़नी बाकी हैं और आरोपियों से विस्तृत पूछताछ आवश्यक है। इसी आधार पर पुलिस ने अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की थी। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनते हुए आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया, जिससे जांच एजेंसियों को मामले की तह तक पहुंचने का अवसर मिल सके।
बचाव पक्ष का दावा- चेतन के खिलाफ प्रत्यक्ष सबूत नहीं
सुनवाई के बाद चेतन चौधरी के वकील राम सहाने ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ एफआईआर में कोई प्रत्यक्ष आरोप या ऐसा ठोस साक्ष्य नहीं है जो उसे घटना से सीधे तौर पर जोड़ सके। उन्होंने कहा कि चेतन को केवल सिया गोयल का मित्र होने के आधार पर मामले में शामिल किया गया है। बचाव पक्ष का यह भी कहना है कि अब तक ऐसा कोई प्रमाण अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह सिद्ध हो कि घटना के समय चेतन कथित रूप से घटनास्थल पर मौजूद था।
हत्या या हादसा, जांच का केंद्र बना सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि केतन अग्रवाल की मौत एक दुर्घटना थी या सुनियोजित हत्या। बचाव पक्ष का दावा है कि शुरुआती स्तर पर मामले को दुर्घटनावश हुई मौत के रूप में देखा गया था, लेकिन बाद में इसे हत्या की दिशा में मोड़ दिया गया। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले तथ्यों और परिस्थितियों ने साजिश की आशंका को मजबूत किया है। यही वजह है कि पुलिस विभिन्न तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है।
सगाई के कुछ महीने बाद हुई संदिग्ध मौत
जानकारी के अनुसार केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी तथा नवंबर में विवाह प्रस्तावित था। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। इसी बीच 18 जून को लोहागढ़ किले के पास संदिग्ध परिस्थितियों में केतन की मौत हो गई। घटना के बाद मामला चर्चा में आ गया और पुलिस ने जांच के आधार पर सिया गोयल तथा चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच पहले से संपर्क था और इसी पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
कॉल रिकॉर्ड और रिश्तों की भी हो रही जांच
जांच एजेंसियां आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा, आपसी संपर्क और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयान मामले की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि अभी तक जांच जारी है और पुलिस ने किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है। ऐसे में मामले से जुड़े हर तथ्य की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार ने बताया सुनियोजित हत्या
केतन अग्रवाल के परिजनों ने इस मामले को दुर्घटना मानने से इनकार किया है। परिवार का आरोप है कि यह एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या है। परिजनों का कहना है कि जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने उनकी शंकाओं को और मजबूत किया है। वहीं उन्होंने मामले में शामिल सभी संभावित व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं सभी की निगाहें
एक ओर बचाव पक्ष घटना को दुर्घटना बता रहा है तो दूसरी ओर पुलिस और पीड़ित परिवार इसे सुनियोजित साजिश की दिशा में देख रहे हैं। ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल मामले की सच्चाई अब जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और अदालत में पेश होने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी। फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है और आगामी जांच रिपोर्ट को निर्णायक माना जा रहा है।