#राज्य-शहर

दिल्ली के 44 पुराने फ्लाईओवर होंगे दुरुस्त, 3 साल में बढ़ेगी सफर की सुरक्षा

दिल्ली में रोजाना लाखों लोगों की आवाजाही को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 15 साल से अधिक पुराने 44 फ्लाईओवरों की जांच और मरम्मत का व्यापक अभियान शुरू किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार यह पूरा काम अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, जिससे राजधानी में सड़क सुरक्षा और बेहतर हो सके।

पहले चरण में होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट

परियोजना के तहत सभी 44 फ्लाईओवरों का सबसे पहले स्ट्रक्चरल ऑडिट किया जाएगा। इस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि किन स्थानों पर फ्लाईओवर कमजोर हैं, जहां दरारें, जंग या अन्य तकनीकी समस्याएं हैं। जिन हिस्सों में कमी पाई जाएगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत का काम किया जाएगा ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।

तीन साल में चरणबद्ध तरीके से पूरा होगा काम

PWD ने स्पष्ट किया है कि सभी फ्लाईओवरों की मरम्मत एक साथ नहीं की जाएगी, क्योंकि इससे दिल्ली के ट्रैफिक सिस्टम पर भारी दबाव पड़ेगा। इसलिए यह कार्य तीन साल की योजना के तहत किया जाएगा। हर साल लगभग 7 से 8 फ्लाईओवरों पर मरम्मत और सुधार कार्य किए जाएंगे, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो और काम भी समय पर पूरा हो सके।

पुराने फ्लाईओवरों को दी जाएगी प्राथमिकता

मरम्मत कार्य में सबसे पहले उन फ्लाईओवरों को शामिल किया जाएगा जो सबसे पुराने हैं। इनमें 2000 से पहले बने फ्लाईओवर प्राथमिक सूची में रखे गए हैं। खास तौर पर शादीपुर फ्लाईओवर (1971), जखीरा, राजा गार्डन, सीलमपुर, पीरागढ़ी, आईआईटी और मोदी मिल जैसे महत्वपूर्ण फ्लाईओवरों पर जल्द काम शुरू होने की संभावना है।

नई तकनीक से बढ़ेगी मजबूती और सुरक्षा

विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते ट्रैफिक और पर्यावरणीय प्रभावों के कारण फ्लाईओवरों की संरचना पर असर पड़ता है। ऐसे में मरम्मत के दौरान आधुनिक तकनीक और मजबूत निर्माण सामग्री का उपयोग किया जाएगा। इससे फ्लाईओवरों की उम्र बढ़ेगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और सुगम सफर का अनुभव मिलेगा।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *