बैतूल में अंधविश्वास से दिल दहला देने वाली वारदात: 12 साल के मासूम की हत्या, बोरी में मिला शव
बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र के ताईखेड़ा गांव में 12 वर्षीय बच्चे की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बच्चा 20 जून से लापता था, जिसका शव बाद में जंगल की गहरी खाई में बोरी में बंद मिला। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे अंधविश्वास और जादू-टोने का शक मुख्य कारण था।
20 जून से लापता था मासूम, परिजनों ने दर्ज कराई रिपोर्ट
पीड़ित बच्चा अंकुश आहके 20 जून को दोपहर बाद अचानक घर से लापता हो गया था। परिजनों ने काफी तलाश के बाद 22 जून को मुलताई थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। मां संगीता आहके ने बताया कि उनका बेटा खेलने के लिए निकला था, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की और संभावित संदिग्धों से पूछताछ की।
जांच में सामने आया चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस जांच में पता चला कि गांव का ही निवासी सुदामा इनावती बच्चे को खेलने के बहाने अपने साथ ले गया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथी राकेश उइके के साथ मिलकर हत्या की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, दोनों ने बच्चे को गांव से दूर ले जाकर लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी और शव को बोरी में भरकर जंगल की खाई में फेंक दिया।
अंधविश्वास और संतान न होने का शक बना हत्या की वजह
आरोपी सुदामा ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसकी शादी को 12 साल हो चुके थे लेकिन उसके कोई संतान नहीं थी। उसे शक था कि बच्चे की मां जादू-टोना करती है, जिसके कारण वह पिता नहीं बन सका। इसी अंधविश्वास और गुस्से में उसने अपने साथी के साथ मिलकर मासूम की हत्या की साजिश रची। यह मामला समाज में अंधविश्वास की भयावह तस्वीर को उजागर करता है।
जंगल में बोरी से बरामद हुआ शव, गांव में आक्रोश
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सालईढाना गांव के पास जंगल की खाई से बच्चे का शव बरामद किया। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर आरोपियों को फांसी देने की मांग की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर जाम हटवाया और दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।