अलवर में आशा सहयोगिनियों का बड़ा प्रदर्शन, मानदेय बढ़ाने समेत कई मांगों पर ज्ञापन
अलवर में आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियों ने कंपनी बाग स्थित शहीद स्मारक से रैली निकालकर सीएमएचओ कार्यालय तक मार्च किया और सरकार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने मानदेय बढ़ाने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने समेत कई मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
शहीद स्मारक से सीएमएचओ कार्यालय तक निकाली रैली
अलवर में आशा सहयोगिनियों ने कंपनी बाग स्थित शहीद स्मारक से एकजुट होकर रैली निकाली। यह रैली शहर की विभिन्न सड़कों से गुजरते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।
स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं आशा सहयोगिनी
प्रदर्शन के दौरान आशा सहयोगिनियों ने कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग की हर योजना और अभियान में अहम भूमिका निभाती हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल से लेकर टीकाकरण, परिवार कल्याण कार्यक्रम, संक्रामक रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य सर्वेक्षण तक, हर स्तर पर उनका योगदान रहता है। इसके बावजूद उन्हें न तो उचित मानदेय मिलता है और न ही सरकारी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
कम मानदेय से नाराजगी, बढ़ती महंगाई का हवाला
आशा सहयोगिनी कंचन लता ने बताया कि उन्हें करीब पांच हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद कम है। उन्होंने कहा कि आशा सहयोगिनियां दिन-रात, सर्दी-गर्मी और बरसात की परवाह किए बिना गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य सेवाएं देती हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है।
सरकारी कर्मचारी दर्जा देने की मांग, आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी आशा सहयोगिनियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और उन्हें वेतन, पेंशन, चिकित्सा सुविधा, अवकाश जैसी सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सीएमएचओ कार्यालय को सौंपा ज्ञापन
रैली के बाद सभी आशा सहयोगिनी सीएमएचओ कार्यालय पहुंचीं, जहां अधिकारियों की अनुपस्थिति में अशोक कुमार को ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने बताया कि ज्ञापन को उच्च अधिकारियों तक भेजा जाएगा और मांगों पर अंतिम निर्णय सरकार स्तर पर लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने आशा सहयोगिनियों से कार्य जारी रखने और समय पर दस्तावेज जमा कराने की अपील की।