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जिम में फिट दिखने वाले लोगों को भी क्यों हो जाता है Sudden Cardiac Arrest? रिसर्च में सामने आए 5 बड़े कारण

उत्तराखंड में एक 38 वर्षीय SOG अधिकारी की जिम में वर्कआउट के दौरान हुई अचानक मौत ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शारीरिक रूप से फिट दिखना हमेशा स्वस्थ हृदय की गारंटी नहीं होता। Mayo Clinic, NIH और अन्य संस्थानों की रिपोर्ट बताती हैं कि कई छिपी हुई समस्याएं और गलत एक्सरसाइज पैटर्न अचानक कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकते हैं।

शरीर के अंदर छिपी बीमारियां बन सकती हैं खतरा

हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार कई लोगों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज, जन्मजात हृदय विकार या दिल की धड़कन से जुड़ी इलेक्ट्रिकल समस्याएं लंबे समय तक बिना किसी लक्षण के मौजूद रहती हैं। सामान्य जीवन में इनका पता नहीं चल पाता, लेकिन जब व्यक्ति भारी व्यायाम करता है तो हृदय पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में पहले से मौजूद समस्या गंभीर रूप ले सकती है और कार्डियक अरेस्ट का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए केवल बाहरी फिटनेस को स्वास्थ्य का पैमाना मानना सही नहीं माना जाता।

अचानक भारी वर्कआउट शुरू करना पड़ सकता है भारी

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के बाद सीधे हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज शुरू करना शरीर के लिए जोखिम भरा हो सकता है। सोशल मीडिया से प्रेरित होकर कई लोग बिना तैयारी के भारी वजन उठाना या कठिन वर्कआउट शुरू कर देते हैं। इससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और पहले से मौजूद जोखिम बढ़ सकते हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि एक्सरसाइज की तीव्रता धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए ताकि शरीर और हृदय दोनों सुरक्षित तरीके से नई गतिविधियों के अनुकूल हो सकें।

डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी बनती है वजह

जिम में लंबे समय तक पसीना बहाने के बावजूद पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना भी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। अत्यधिक पसीने के कारण शरीर में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। ये तत्व दिल की सामान्य धड़कन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब इनका संतुलन बिगड़ता है तो अनियमित धड़कन और कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए वर्कआउट के दौरान शरीर को पर्याप्त हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी माना जाता है।

सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड का गलत इस्तेमाल बढ़ा रहा जोखिम

फिटनेस की जल्दी पाने के लिए कुछ लोग प्री-वर्कआउट ड्रिंक, अत्यधिक कैफीन वाले सप्लीमेंट्स या एनाबॉलिक स्टेरॉयड का सहारा लेते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ये पदार्थ ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को असामान्य रूप से बढ़ा सकते हैं। लंबे समय तक स्टेरॉयड के इस्तेमाल से हृदय की मांसपेशियां प्रभावित हो सकती हैं और भविष्य में गंभीर हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट का उपयोग डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करना चाहिए।

इन संकेतों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है महंगा

कार्डियक अरेस्ट से पहले शरीर कई बार चेतावनी संकेत देता है, लेकिन लोग उन्हें सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। सीने में दर्द, अचानक सांस फूलना, चक्कर आना, दिल की धड़कन का तेज महसूस होना या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र या अच्छी बॉडी होने से जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता। समय पर जांच और सही इलाज कई गंभीर स्थितियों से बचा सकता है।

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