आंखों के सामने अचानक धुंधलापन या चमक? रेटिनल माइग्रेन का हो सकता है संकेत, जानें इसके लक्षण और कारण
अगर आपकी एक आंख के सामने अचानक धुंधलापन छाने लगे, चमकदार रोशनी दिखाई दे या कुछ समय के लिए नजर कमजोर पड़ जाए, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह रेटिनल माइग्रेन का संकेत हो सकता है, जो आंख की रेटिना को प्रभावित करने वाला एक दुर्लभ प्रकार का माइग्रेन है। समय रहते इसके लक्षणों की पहचान और उचित इलाज बेहद जरूरी है।
क्या है रेटिनल माइग्रेन?
रेटिनल माइग्रेन माइग्रेन का एक विशेष प्रकार है, जिसमें समस्या सीधे आंख की रेटिना को प्रभावित करती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) और मेयो क्लिनिक के अनुसार, इस स्थिति में व्यक्ति को केवल एक आंख में अस्थायी रूप से धुंधलापन, रोशनी की चमक या कुछ समय के लिए दृष्टि कम होने जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। आमतौर पर यह परेशानी कुछ मिनटों से लेकर एक घंटे तक रहती है और इसके बाद दृष्टि सामान्य हो जाती है। हालांकि, बार-बार ऐसा होना गंभीर संकेत माना जा सकता है।
इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
रेटिनल माइग्रेन के दौरान प्रभावित व्यक्ति को एक आंख में अचानक अंधेरा छाने जैसा महसूस हो सकता है। इसके अलावा बिजली जैसी चमक दिखाई देना, टेढ़ी-मेढ़ी या लहरदार रेखाएं नजर आना, धुंधली दृष्टि और इसके बाद तेज सिरदर्द होना इसके प्रमुख लक्षण हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या हमेशा एक आंख तक सीमित रहती है। यदि दोनों आंखों में एक साथ ऐसी परेशानी हो रही है, तो इसके पीछे कोई अन्य गंभीर कारण भी हो सकता है।
क्यों होता है रेटिनल माइग्रेन?
विशेषज्ञों के अनुसार, आंख तक रक्त पहुंचाने वाली छोटी रक्त वाहिकाएं कुछ समय के लिए सिकुड़ जाती हैं, जिससे रेटिना में रक्त प्रवाह कम हो जाता है। इसी कारण व्यक्ति को अचानक धुंधलापन या रोशनी की चमक दिखाई देने लगती है। जब रक्त प्रवाह सामान्य होता है, तो दृष्टि भी वापस सामान्य हो जाती है। तनाव, अत्यधिक स्क्रीन टाइम, तेज रोशनी, नींद की कमी और समय पर भोजन न करना इस समस्या को ट्रिगर करने वाले प्रमुख कारण माने जाते हैं।
जीवनशैली की आदतें भी बढ़ा सकती हैं जोखिम
लगातार मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन के सामने समय बिताना आंखों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इसके अलावा मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या, तेज धूप या बहुत अधिक शोर-शराबे वाले वातावरण में रहना भी रेटिनल माइग्रेन की संभावना बढ़ा सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करके इस समस्या के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि आंखों के सामने छाया धुंधलापन या अंधेरा एक घंटे से अधिक समय तक बना रहे, दोनों आंखों में एक साथ समस्या महसूस हो या इसके साथ बोलने में कठिनाई, हाथ-पैर सुन्न होना, चक्कर आना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसे लक्षण स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति का संकेत भी हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आंखों से जुड़ी किसी भी असामान्य समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए।