सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई पर विवाद: अशोक गहलोत ने उठाए सवाल, सरकार से मांगा जवाब
जोधपुर प्रवास के दौरान राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार की विभिन्न नीतियों और हालिया कार्रवाइयों पर सवाल उठाए। उन्होंने विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई और सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, कानून व्यवस्था, वित्तीय स्थिति और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई को लेकर जताई आपत्ति
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनिंदा समुदायों से जुड़े स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाइयों से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। गहलोत ने केंद्र सरकार से भी इस मामले में स्पष्ट जवाब देने की मांग की और कहा कि कई स्थानों पर स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं भी इससे जुड़ी हुई हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल मामलों पर सरकार को घेरा
जोधपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गहलोत ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कोटा और अन्य स्थानों पर प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और संक्रमण से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों में व्यवस्थागत खामियों के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गहलोत ने कहा कि सरकार को इन मामलों की पारदर्शी जांच कर जनता के सामने वास्तविक कारण स्पष्ट करने चाहिए।
कोचिंग हब और विकास परियोजनाओं पर उठे सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने जयपुर में बनाए गए कोचिंग हब का भी उल्लेख किया और कहा कि पिछली सरकार के दौरान विकसित इस आधुनिक परिसर का उचित उपयोग नहीं हो रहा है। उनके अनुसार भवन, लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएं तैयार होने के बावजूद परियोजना का संचालन प्रभावी रूप से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इन सुविधाओं को सक्रिय रूप से उपयोग में लाने की मांग की।
वित्तीय स्थिति और भुगतान को लेकर चिंता
गहलोत ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों के भुगतान लंबित हैं और पेंशनधारकों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार आर्थिक दबाव में है तो उसे स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि जनता के बीच भ्रम की स्थिति न बने।
कानून व्यवस्था और अपराधों पर टिप्पणी
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों में वृद्धि हुई है। गहलोत ने कहा कि आम नागरिकों को थानों में न्याय पाने में कठिनाई हो रही है, जो एक गंभीर प्रशासनिक चुनौती है।
पेयजल संकट और विकास परियोजनाओं का मुद्दा
जोधपुर में पेयजल संकट का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय कई जल परियोजनाएं शुरू की गई थीं, जिन्हें समय पर पूरा करना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इन परियोजनाओं को गति देने में असफल रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को राजनीतिक श्रेय से ऊपर उठकर जनता के हित में पूरा किया जाना चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
गहलोत के इन बयानों के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल देखी जा रही है। जहां विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्तापक्ष की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।