#क्राइम #राज्य-शहर

जयपुर में मोमोज विक्रेता युवती झुलसी: पुलिसकर्मी पर खौलता पानी गिराने का आरोप, जांच में जुटा प्रशासन

जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र में मोमोज बेचने वाली एक युवती के गंभीर रूप से झुलसने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि सड़क से ठेला हटाने के दौरान एक पुलिसकर्मी ने कार्ट को धक्का दिया, जिससे खौलता पानी युवती पर गिर गया। वहीं पुलिस का कहना है कि मुख्यमंत्री के काफिले के लिए रास्ता खाली कराया जा रहा था और घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। मामले को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

सड़क किनारे ठेला हटाने के दौरान हुआ विवाद

घटना 19 जून की शाम जगतपुरा स्थित अक्षय पात्र मंदिर के पास की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार मोमोज विक्रेता युवती अपनी कार्ट लगाकर कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए पुलिसकर्मी सड़क किनारे लगे ठेलों को हटाने पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसी दौरान पुलिसकर्मियों और ठेला संचालक बहनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और हालात तनावपूर्ण हो गए।

खौलते पानी से झुलसी युवती, गंभीर चोटों का दावा

पीड़िता की बहन का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्ट हटाने का दबाव बनाया। उन्होंने बताया कि मोमोज तैयार करने के लिए बर्तन में पानी उबल रहा था और कुछ समय देने की गुजारिश की गई थी। आरोप है कि इसके बावजूद कार्ट को पीछे की ओर धक्का दिया गया, जिससे खौलता पानी युवती पर गिर गया। घटना में उसके कंधे, सीने, जांघ और शरीर के अन्य हिस्से झुलस गए। परिजनों का कहना है कि युवती को काफी दर्द और चोटों का सामना करना पड़ रहा है।

परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन है मोमोज कार्ट

पीड़ित परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर का रहने वाला है। परिवार के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान पिता के निधन के बाद आर्थिक जिम्मेदारी मां और दोनों बहनों पर आ गई थी। बड़ी बहन पढ़ाई के लिए जयपुर आई थी, जिसके बाद परिवार भी यहां आकर रहने लगा। घर के खर्च और पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए छोटी बहन ने मोमोज की कार्ट शुरू की थी। परिवार का कहना है कि इसी छोटे कारोबार से घर की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी होती हैं।

पुलिस और पीड़ित पक्ष के दावों में विरोधाभास

घटना को लेकर दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं। पीड़ित परिवार जहां पुलिसकर्मी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहरा रहा है, वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि मुख्यमंत्री के काफिले के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के तहत सड़क खाली करवाई जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर होगी कार्रवाई

पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच अधिकारी को पूरे मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी की लापरवाही या दोष साबित होता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना ने प्रशासनिक कार्रवाई और आम नागरिकों के अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *