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‘ईरानी धन से आतंकवाद नहीं फैलने देंगे’, जेडी वेंस ने बताया अमेरिका का असली प्लान

ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को लेकर चल रही अटकलों के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में कोई धनराशि जारी की जाती है तो उसका इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता ईरानी जनता की जरूरतों को पूरा करने और अपने किसानों को लाभ पहुंचाने की है।

फ्रीज संपत्तियों को लेकर रिपोर्ट्स पर वेंस की सफाई

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत के दौरान ईरान की जमी हुई संपत्तियों को लेकर कई तरह की खबरें सामने आईं। इन अटकलों के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि कुछ रिपोर्ट्स वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से पेश कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान को बिना शर्त धन उपलब्ध कराने की योजना नहीं बना रहा है। वेंस के अनुसार, यदि भविष्य में किसी प्रकार की संपत्ति जारी होती है तो उसके उपयोग पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।

अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद में हो सकता है धन का इस्तेमाल

जेडी वेंस ने कहा कि यदि ईरानी संपत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है तो उसका उद्देश्य आम नागरिकों की जरूरतों को पूरा करना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि इस धन से अमेरिकी गेहूं, मक्का और सोयाबीन जैसे कृषि उत्पाद खरीदे जा सकते हैं। वेंस ने इसे ‘ट्रंप डील’ का हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे एक तरफ ईरान की जनता को आवश्यक वस्तुएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी किसानों को भी आर्थिक लाभ पहुंचेगा।

आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होगा धन का उपयोग

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने दोहराया कि वॉशिंगटन किसी भी स्थिति में ईरानी धन को आतंकवाद या क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगा। उनके मुताबिक, अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि जारी की जाने वाली राशि केवल मानवीय और आर्थिक उद्देश्यों के लिए खर्च हो। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

तनाव और धमकियों के बावजूद जारी रही वार्ता

वेंस ने बातचीत के दौरान पैदा हुए तनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कुछ मौकों पर ईरान की ओर से वार्ता छोड़ने जैसी बातें सामने आईं, लेकिन इसके बावजूद बातचीत का सिलसिला नहीं टूटा। उनके अनुसार, शनिवार देर रात तक दोनों पक्षों के बीच चर्चा जारी रही और ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने भी प्रक्रिया से खुद को अलग नहीं किया।

तकनीकी स्तर पर जारी है दोनों देशों का संवाद

अमेरिकी उपराष्ट्रपति के मुताबिक, दोनों देशों की तकनीकी टीमें अब भी स्विट्जरलैंड में मौजूद हैं और विभिन्न मुद्दों पर काम कर रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कई विषयों पर तीखी बयानबाजी और मतभेद देखने को मिले, लेकिन इससे बातचीत की दिशा प्रभावित नहीं हुई। वेंस ने कहा कि मतभेदों के बावजूद दोनों पक्ष वार्ता के जरिए समाधान तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

ट्रंप ने भी सार्वजनिक तौर पर दिया जवाब

वेंस ने कहा कि जब ईरान की ओर से ऐसे बयान दिए गए जिन्हें अमेरिका तथ्यात्मक रूप से सही नहीं मानता था, तब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी। उनके अनुसार, अमेरिका किसी भी भ्रामक दावे का जवाब मजबूती से देता है। हालांकि, इन राजनीतिक मतभेदों के बावजूद बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ती रही और कई अहम मुद्दों पर प्रगति भी दर्ज की गई।

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