कोटा में अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई: 1 करोड़ की सरकारी जमीन से हिस्ट्रीशीटरों का कब्जा हटाया
कोटा ग्रामीण क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। ऑपरेशन “क्रिमिनल डस्टिंग” के तहत हिस्ट्रीशीटरों द्वारा किए गए अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाकर मकान और बाड़े ध्वस्त किए गए। यह कार्रवाई कानून व्यवस्था मजबूत करने और भू-माफियाओं पर नकेल कसने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का खुलासा
कोटा ग्रामीण पुलिस को सूचना मिली थी कि इटावा थाना क्षेत्र के गैंता गांव में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण किया गया है। जांच में सामने आया कि यह जमीन राज्य सरकार द्वारा पुलिस चौकी निर्माण के लिए आवंटित की गई थी। इसके बावजूद स्थानीय हिस्ट्रीशीटरों ने इस पर अवैध मकान और बाड़े बना लिए थे। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी प्रक्रिया शुरू की और कब्जाधारियों को पहले नोटिस जारी किए गए।
बुलडोजर कार्रवाई में ध्वस्त हुए अवैध निर्माण
नोटिस के बाद भी कब्जा नहीं हटाने पर पुलिस, प्रशासन और नगरपालिका की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। भारी पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से अवैध निर्माणों को गिराया गया। कार्रवाई के दौरान करीब साढ़े तीन बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए ताकि किसी प्रकार का विरोध या अव्यवस्था उत्पन्न न हो सके।
हिस्ट्रीशीटरों पर सख्त एक्शन
प्रशासन के अनुसार इस जमीन पर कब्जा करने वालों में इटावा क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर मांगीलाल मीणा और पप्पू कीर शामिल थे। इन पर पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अपराध से जुड़े लोगों की अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें हटाने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
ऑपरेशन ‘क्रिमिनल डस्टिंग’ का असर
यह कार्रवाई जिले में चल रहे “ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग” के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य अपराधियों और भू-माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई करना है। पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि इस अभियान के जरिए कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के मनोबल को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ अभियान
इस कार्रवाई के दौरान वृत्ताधिकारी इटावा, तहसीलदार, संबंधित थाना अधिकारियों सहित पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूरे अभियान को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।