गुजरात बस हादसे में 9 वर्षीय प्रीत को नम आंखों से विदाई, अंतिम संस्कार में बेसुध हुए पिता
गुजरात के हलोल-वडोदरा हाईवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 9 वर्षीय प्रीत का राजस्थान के धौलपुर जिले स्थित टामटिया गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया। अंतिम संस्कार के दौरान पिता हितेश भाटिया बेसुध होकर गिर पड़े, जबकि घायल मां पायल नाई स्ट्रेचर पर लेटे-लेटे अपने बेटे को अंतिम विदाई देते हुए फूट-फूटकर रोती रहीं।
सूरत लौटते समय हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार प्रीत अपनी मां पायल के साथ सूरत में रहता था। पायल वहां मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती थीं, जबकि प्रीत पढ़ाई करता था। गर्मी की छुट्टियों में दोनों अपने पैतृक गांव टामटिया आए हुए थे। छुट्टियां समाप्त होने के बाद मां-बेटा वापस सूरत लौट रहे थे, क्योंकि अगले दिन प्रीत के स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होनी थी। इसी दौरान गुजरात के हलोल-वडोदरा हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में प्रीत की मौत हो गई और उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई।
अस्पताल में सुरक्षित रखा गया था शव
हादसे के बाद प्रीत के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में कोल्ड बॉक्स में सुरक्षित रखा गया। वहीं घायल मां पायल के पैर में तीन जगह फ्रैक्चर होने के कारण गुजरात में उनका ऑपरेशन किया गया। बाद में उन्हें राजस्थान के सागवाड़ा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी रहा।
बेटे का शव देखकर टूट गए पिता
प्रीत के पिता हितेश भाटिया कुवैत में मजदूरी करते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद वे तुरंत भारत लौटे। करीब ढाई साल बाद गांव पहुंचे हितेश जैसे ही घर पहुंचे, अपने पिता रमणलाल भाटिया से लिपटकर रो पड़े। इसके बाद जब उन्होंने बेटे के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए तो वे खुद को संभाल नहीं सके और बेसुध होकर गिर पड़े। परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें संभाला, लेकिन पूरे परिवार का दर्द देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो गया।
घायल मां ने रोते हुए दी अंतिम विदाई
इधर घायल मां पायल को भी एम्बुलेंस के माध्यम से गांव लाया गया ताकि वह अपने बेटे के अंतिम दर्शन कर सके। स्ट्रेचर पर लेटी पायल ने जैसे ही बेटे का शव देखा, वह जोर-जोर से रोने लगी। बेटे को खोने का दर्द उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। परिजनों और रिश्तेदारों की आंखें भी नम हो गईं और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्रीत की शवयात्रा निकाली गई। इसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में समाजजन और सर्वसमाज के लोग शामिल हुए। टामटिया मोक्षधाम में नम आंखों और भारी मन के साथ बालक का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव ने एक स्वर में परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत बालक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।