#बिजनेस

EV की बैटरी खराब होने पर लाखों का खर्चा, क्या नॉर्मल इंश्योरेंस में मिलेगा कवर?

इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती लोकप्रियता के बीच सबसे बड़ा सवाल बीमा को लेकर है। विशेषज्ञों के अनुसार EV की बैटरी, चार्जिंग सिस्टम और हाईटेक पार्ट्स महंगे होने के कारण सामान्य मोटर इंश्योरेंस कई मामलों में पर्याप्त नहीं होता। बैटरी डैमेज और तकनीकी खराबियों के लिए अलग से ऐड-ऑन कवर लेना जरूरी माना जा रहा है।

EV इंश्योरेंस में क्यों जरूरी है अतिरिक्त सावधानी?

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के साथ इंश्योरेंस को लेकर भी जागरूकता बढ़ रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि पेट्रोल-डीजल वाहनों की तुलना में EV में जोखिम ज्यादा होता है, क्योंकि इनमें हाई-वोल्टेज बैटरी और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम शामिल होते हैं। इसी वजह से EV का इंश्योरेंस प्रीमियम आमतौर पर 20 से 25 प्रतिशत तक अधिक होता है। केवल बेसिक मोटर इंश्योरेंस कई स्थितियों में पूरी सुरक्षा नहीं देता, इसलिए अतिरिक्त कवर लेना जरूरी हो जाता है।

क्या नॉर्मल इंश्योरेंस में मिलती है बैटरी की सुरक्षा?

आमतौर पर सामान्य मोटर इंश्योरेंस में EV की बैटरी को तभी कवर किया जाता है जब नुकसान किसी दुर्घटना, आग या प्राकृतिक आपदा के कारण हुआ हो। लेकिन यदि बैटरी अपने आप खराब हो जाए, तकनीकी खराबी आ जाए या समय से पहले डैमेज हो जाए, तो यह खर्च सामान्य पॉलिसी में शामिल नहीं होता। ऐसे मामलों में वाहन मालिक को पूरा खर्च खुद उठाना पड़ सकता है, जो लाखों रुपये तक पहुंच सकता है।

बैटरी प्रोटेक्शन ऐड-ऑन क्यों है जरूरी?

EV की बैटरी वाहन की कुल कीमत का लगभग 30 से 50 प्रतिशत हिस्सा होती है, जिससे यह सबसे महंगा कंपोनेंट बन जाती है। बैटरी प्रोटेक्शन राइडर जैसे ऐड-ऑन कवर इन जोखिमों से सुरक्षा देते हैं। इसमें वॉटर इन्ग्रेस (पानी घुसना), शॉर्ट सर्किट, चार्जिंग के दौरान पावर सर्ज, ओवरहीटिंग और बैटरी सिस्टम फेल होने जैसी समस्याएं शामिल होती हैं। यह कवर EV मालिकों को बड़े आर्थिक नुकसान से बचाने में मदद करता है।

चार्जर और केबल भी हैं महत्वपूर्ण हिस्सा

EV में केवल बैटरी ही नहीं, बल्कि चार्जर और चार्जिंग केबल भी बेहद जरूरी और महंगे होते हैं। कई बार ये उपकरण खराब हो जाने पर वाहन का उपयोग रुक जाता है। इसलिए इंश्योरेंस लेते समय यह जांचना जरूरी है कि पॉलिसी में वॉल चार्जर, पोर्टेबल केबल और इलेक्ट्रिकल डैमेज कवर शामिल है या नहीं। इससे अचानक आने वाले खर्चों से राहत मिल सकती है।

रोडसाइड असिस्टेंस क्यों है जरूरी?

EV में बैटरी खत्म होना या चार्जिंग से जुड़ी समस्या आम स्थिति बन सकती है। ऐसे में रोडसाइड असिस्टेंस कवर बेहद उपयोगी साबित होता है। यह सुविधा वाहन को नजदीकी चार्जिंग स्टेशन, सर्विस सेंटर या डीलरशिप तक पहुंचाने में मदद करती है। EV मालिकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण ऐड-ऑन माना जाता है।

EV इंश्योरेंस क्यों होता है महंगा?

इलेक्ट्रिक वाहनों का इंश्योरेंस पारंपरिक वाहनों की तुलना में अधिक महंगा होता है, जिसके पीछे कई कारण हैं। पहला, बैटरी की ऊंची कीमत, क्योंकि मामूली नुकसान में भी पूरी बैटरी बदलनी पड़ सकती है। दूसरा, EV की मरम्मत केवल ऑथराइज्ड और सर्टिफाइड टेक्नीशियन ही कर सकते हैं, जिससे लागत बढ़ जाती है। तीसरा, इनमें लगे एडवांस सेंसर, कैमरे और ड्राइवर असिस्ट सिस्टम छोटे हादसों में भी महंगे रिप्लेसमेंट की जरूरत पैदा करते हैं।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *