राजस्थान विश्वविद्यालय परीक्षा विवाद: आंसर-की थमाने का मामला थाने तक पहुंचा, प्रशासन पर गंभीर आरोप
राजस्थान विश्वविद्यालय में एमए सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान पेपर की जगह आंसर-की थमाने के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। छात्रों ने परीक्षा में धांधली, धमकी और बंधक बनाए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मामला अब पुलिस जांच के दायरे में आ गया है।
परीक्षा केंद्र पर पेपर की जगह आंसर-की देने का आरोप
घटना 16 जून को राजस्थान विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में हुई, जहां इंडियन सोसायटी विषय की परीक्षा चल रही थी। छात्र मनीष सहित कई परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि कुछ छात्रों को अनुचित लाभ देने के उद्देश्य से आंसर-की थमा दी गई। यह आरोप पीजी स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज की डायरेक्टर ज्योत्सना वशिष्ठ पर लगाए गए हैं।
विरोध बढ़ने पर पेपर रद्द, छात्रों में नाराजगी
जब अन्य छात्रों को इस कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली तो उन्होंने परीक्षा केंद्र में विरोध दर्ज कराया। इसके बाद स्टाफ ने आंसर-की वापस ले ली और परीक्षा को रद्द कर दिया गया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नई परीक्षा तिथि 27 जून निर्धारित की, जिससे छात्रों में असंतोष और बढ़ गया।
‘एक घंटे तक बंधक बनाए रखने’ का आरोप
छात्रों ने आरोप लगाया है कि विरोध करने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें करीब एक घंटे तक परीक्षा केंद्र के अंदर बंद रखा और धमकी दी गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि छात्रों को डराया गया और एडमिशन कैंसिल करने की चेतावनी दी गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
थाने में मामला दर्ज, निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित छात्र मनीष ने गांधीनगर थाने में लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस घटना से कई छात्र मानसिक तनाव और डिप्रेशन में हैं। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।