#बिजनेस

पावर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बड़ा दांव लगाएगी रिलायंस, AGM में मुकेश अंबानी ने बताया विजन

रिलायंस इंडस्ट्रीज अब ऊर्जा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की 49वीं सालाना आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने साफ संकेत दिए कि आने वाले वर्षों में रिलायंस का फोकस ग्रीन और वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्रों पर रहेगा। कंपनी सोलर, बैटरी, हाइड्रोजन और बायोएनर्जी जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश की योजना पर काम कर रही है।

ऊर्जा क्षेत्र को लेकर रिलायंस ने पेश किया दीर्घकालिक रोडमैप

रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की भविष्य की ऊर्जा रणनीति का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा किसी भी सभ्यता की प्रगति का आधार रही है और भारत आने वाले वर्षों में ऊर्जा मांग में तेज वृद्धि के दौर में प्रवेश करने जा रहा है। ऐसे में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक और भविष्य उन्मुख ऊर्जा ढांचे की आवश्यकता होगी।

भारत की ऊर्जा निर्भरता कम करने पर रहेगा फोकस

मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत अभी भी अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा बाहरी स्रोतों से पूरा करता है। उनका मानना है कि लंबे समय तक यह स्थिति टिकाऊ नहीं है। उन्होंने कहा कि रिलायंस का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो और भविष्य में वैश्विक अनिश्चितताओं का असर कम किया जा सके।

सोलर, बैटरी और हाइड्रोजन समेत कई क्षेत्रों में होगा विस्तार

कंपनी की योजना के अनुसार रिलायंस सोलर एनर्जी, बैटरी स्टोरेज, विंड पावर, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोएनर्जी और कम्प्रेस्ड बायोगैस जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाएगी। इसके अलावा अंडरग्राउंड कोल गैसीफिकेशन जैसी तकनीकों पर भी काम किया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य स्वच्छ, किफायती और टिकाऊ ऊर्जा समाधान विकसित करना है।

आत्मनिर्भर भारत और ग्रीन इकोनॉमी पर विशेष जोर

मुकेश अंबानी ने कहा कि ग्रीन एनर्जी भारत को ग्रीन फ्यूल, ग्रीन केमिकल्स, ग्रीन एआई और ग्रीन एक्सपोर्ट्स के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है। उनका मानना है कि स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार देश में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी नई गति देगा। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए महत्वपूर्ण योगदान बताया।

2026-27 से दिखने लगेगा न्यू एनर्जी बिजनेस का असर

रिलायंस के न्यू एनर्जी कारोबार का नेतृत्व कर रहे अनंत अंबानी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 से यह कारोबार कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान देना शुरू कर देगा। उन्होंने बताया कि सोलर मॉड्यूल्स से व्यावसायिक राजस्व की शुरुआत इसी वर्ष होने की उम्मीद है, जबकि बैटरी निर्माण इकाई भी जल्द परिचालन में आने वाली है।

ऊर्जा क्षेत्र में नए अध्याय की तैयारी

विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस की नई ऊर्जा रणनीति भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव का आधार बन सकती है। कंपनी पहले ही पेट्रोकेमिकल, रिटेल और टेलीकॉम सेक्टर में अपनी मजबूत मौजूदगी स्थापित कर चुकी है। अब ग्रीन एनर्जी पर बढ़ता फोकस आने वाले वर्षों में कंपनी के विकास का नया आधार बन सकता है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *