नाइजर के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बड़ा आतंकी हमला, 13 लोगों की मौत; सुरक्षा बलों ने 22 हमलावर मार गिराए
अफ्रीकी देश नाइजर की राजधानी नियामी स्थित डियोरी हमानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार तड़के बड़ा आतंकी हमला हुआ। हमले में 11 सैनिकों और दो नागरिकों की जान चली गई, जबकि सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 22 हमलावर मारे गए। अधिकारियों के अनुसार, कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
राजधानी के प्रमुख एयरपोर्ट को बनाया निशाना
नाइजर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हथियारबंद हमलावरों ने राजधानी नियामी के डियोरी हमानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया। घटना के दौरान एयरपोर्ट परिसर में गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी अभियान शुरू किया और हमले को आगे बढ़ने से रोक दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हमले में 11 सैनिक और दो नागरिकों की मौत हुई, जिससे पूरे देश में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जवाबी कार्रवाई में 22 हमलावर ढेर
सुरक्षा एजेंसियों ने हमले के तुरंत बाद व्यापक अभियान चलाया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में 22 हमलावर मारे गए, जबकि 20 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों के पास से हथियार और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है। घटना के बाद एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है तथा तलाशी अभियान जारी है।
परिचालन सामान्य, लेकिन सुरक्षा बढ़ाई गई
हमले के बाद कुछ समय के लिए एयरपोर्ट क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन नाइजर की राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन एजेंसी ने बाद में स्पष्ट किया कि हवाई अड्डे का संचालन सामान्य रूप से जारी है। अधिकारियों के अनुसार, उड़ानों पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है। हालांकि, यात्रियों और वाहनों की जांच पहले की तुलना में अधिक सख्ती से की जा रही है।
इस साल दूसरी बार निशाने पर आया एयरपोर्ट
यह वर्ष 2026 में डियोरी हमानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले जनवरी में भी एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया था। उस घटना की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े आतंकियों ने ली थी। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट का सामरिक महत्व और यहां मौजूद सैन्य प्रतिष्ठान इसे आतंकवादी संगठनों के लिए प्रमुख लक्ष्य बनाते हैं।
साहेल क्षेत्र में लगातार बना हुआ है आतंकी खतरा
नाइजर, माली और बुर्किना फासो सहित साहेल क्षेत्र के कई देश लंबे समय से आतंकवादी हिंसा की चुनौती का सामना कर रहे हैं। वर्ष 2023 में सैन्य तख्तापलट के बाद नाइजर में सेना समर्थित सरकार सत्ता में आई थी, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा हालात पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सके हैं। विश्लेषकों का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय जिहादी संगठनों के कारण भविष्य में भी इस तरह के हमलों का खतरा बना रह सकता है।