ट्रंप के भारत समर्थन वाले बयान पर पाकिस्तान में हलचल, विशेषज्ञों ने जताई चिंता
जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद दिए गए बयानों को लेकर पाकिस्तान में भी चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप की ओर से भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर की गई टिप्पणियों और प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा पर पाकिस्तानी विश्लेषकों ने प्रतिक्रिया दी है। उनका मानना है कि दोनों नेताओं के बीच बढ़ती नजदीकियां क्षेत्रीय राजनीति पर असर डाल सकती हैं।
मोदी-ट्रंप मुलाकात के बाद पाकिस्तान में शुरू हुई बहस
फ्रांस में हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद पाकिस्तान के कई राजनीतिक विश्लेषकों और विशेषज्ञों ने भारत-अमेरिका संबंधों पर चर्चा की। पाकिस्तानी विश्लेषक कमर चीमा ने कहा कि इस मुलाकात को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, अमेरिका भारत को एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है और यही वजह है कि वाशिंगटन नई दिल्ली के साथ अपने रिश्तों को मजबूत बनाए रखना चाहता है।
ट्रंप की मोदी के लिए की गई टिप्पणियां बनीं चर्चा का विषय
बैठक के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की और उन्हें एक मजबूत तथा कुशल वार्ताकार बताया। ट्रंप ने कहा कि मोदी अपने फैसलों में बेहद सख्त हैं और उनकी नेतृत्व क्षमता प्रभावशाली है। ट्रंप की इन टिप्पणियों को लेकर पाकिस्तान में भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं और कई विशेषज्ञों ने इसे दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों की मजबूती से जोड़कर देखा।
भारत को रणनीतिक साझेदार मानता है अमेरिका
कमर चीमा का कहना है कि अमेरिकी प्रशासन भारत की आर्थिक ताकत और बढ़ते वैश्विक प्रभाव को महत्व देता है। उनके मुताबिक, अमेरिका के लिए भारत केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं बल्कि एक अहम आर्थिक साझेदार भी है। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ रहा है।
व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर भी हुई चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात के दौरान व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही समुद्री सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। माना जा रहा है कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच संबंध और मजबूत हो सकते हैं।