टपूकड़ा में बेसमेंट निर्माण के दौरान हादसा, जनरेटर गिरने से मिस्त्री की मौत
खैरथल-तिजारा जिले के टपूकड़ा कस्बे में बेसमेंट निर्माण कार्य के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में चिनाई मिस्त्री की मौत हो गई। निर्माण स्थल के पास रखा भारी जनरेटर अचानक मजदूर पर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निर्माण कार्य के दौरान हुआ हादसा
टपूकड़ा थाना क्षेत्र में बेसमेंट निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान निर्माण स्थल के समीप रखा एक भारी जनरेटर अचानक असंतुलित होकर वहां काम कर रहे मिस्त्री के ऊपर गिर पड़ा। हादसा इतना गंभीर था कि मिस्त्री को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान जगमाल के रूप में
टपूकड़ा थाना अधिकारी आसाराम ने बताया कि मृतक की पहचान जगमाल के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है।
भाई ने दर्ज कराया लापरवाही का मामला
मृतक के भाई जगराम ने टपूकड़ा थाने में लिखित शिकायत देकर बिल्डिंग मालिक अनूप पुत्र अशोक और जिम संचालक फैजल पुत्र अख्तर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ और जगमाल की जान चली गई।
पहले भी दी गई थी चेतावनी
जगराम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जनरेटर ऐसी जगह रखा गया था जहां से लोगों का नियमित आवागमन होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी बिल्डिंग मालिक और जिम संचालक को जनरेटर को सुरक्षित स्थान पर रखने या हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया गया। इसी लापरवाही के चलते यह जानलेवा हादसा हुआ।
पुलिस ने शुरू की जांच
थाना अधिकारी आसाराम ने बताया कि मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण अनुमति को लेकर भी सवाल
इस मामले में टपूकड़ा नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता छोटेलाल मीणा ने बताया कि पालिका क्षेत्र में चल रही इस बेसमेंट खुदाई के लिए नगर पालिका से अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी जानकारी फिलहाल उनके पास नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नगर पालिका की ओर से वहां कोई निर्माण कार्य नहीं कराया जा रहा था। अब निर्माण की वैधता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।