रेत कारोबार की रंजिश में भाजपा नेताओं पर पेट्रोल डालकर हमला, दो की मौत, चार आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत कारोबार को लेकर चला आ रहा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। सोनहत क्षेत्र में भाजपा से जुड़े दो नेताओं और उनके साथियों पर कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर कार में आग लगा दी गई। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मामले ने प्रदेशभर में सनसनी फैला दी है और पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है।
रेत कारोबार की पुरानी रंजिश बनी खूनी संघर्ष की वजह
जानकारी के अनुसार सोनहत क्षेत्र के पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह रेत कारोबार से जुड़े हुए थे। बताया जा रहा है कि गांव के ही भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी और उनके परिवार के साथ रेत खनन व परिवहन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच तनातनी हुई थी और पुलिस तक शिकायत पहुंची थी। इसी विवाद ने 16 जून की रात हिंसक रूप ले लिया।
कार में पेट्रोल छिड़ककर लगाई आग
आरोप है कि भरत सिंह, उनके भाई बिरेंद्र सिंह और तीन अन्य साथी एक फॉर्च्यूनर वाहन में मौजूद थे, तभी विरोधी पक्ष के लोगों ने उन्हें घेर लिया। कार के आसपास पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। बताया जा रहा है कि वाहन के सामने भारी वाहन खड़ा कर दिया गया था, जिससे अंदर बैठे लोगों के लिए निकलना मुश्किल हो गया। आग की लपटों में घिरी कार में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए संघर्ष करते रहे।
दो लोगों की मौत, तीन गंभीर घायल
घटना में भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे उनके भाई बिरेंद्र सिंह को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। वहीं शिक्षक नागेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह और मयंक सिंह गंभीर रूप से घायल हैं। इनमें से कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले में सात नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अक्षत त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी और विशाल त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना मामला
भाजपा से जुड़े नेताओं पर हुए इस हमले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।