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सर्राफा-बजाजा बाजार में अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर ज्वेलर्स चिंतित, सुरक्षा व्यवस्था की मांग

अलवर शहर के सर्राफा बाजार और बजाजा बाजार में प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर ज्वेलर्स कारोबारियों ने चिंता जताई है। व्यापारियों का कहना है कि इन बाजारों में बड़ी संख्या में आभूषणों की दुकानें हैं, इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर ज्वेलर्स एसोसिएशन और अन्य व्यापारी नगर निगम आयुक्त से मिले और अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं।

नगर निगम आयुक्त से मिले व्यापारी

अतिक्रमण हटाने की संभावित कार्रवाई को लेकर सर्राफा और बजाजा बाजार के व्यापारियों ने नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका से मुलाकात की। व्यापारियों ने कहा कि बाजार की संरचना ऐतिहासिक है और यहां वर्षों पुरानी व्यवस्था के अनुसार दुकानें संचालित हो रही हैं। ऐसे में बिना पूर्व योजना और सुरक्षा इंतजाम के कार्रवाई होने पर व्यापारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि किसी भी निर्णय से पहले संबंधित पक्षों से चर्चा कर स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाए।

ज्वेलर्स एसोसिएशन ने सुरक्षा को बताया सबसे बड़ा मुद्दा

ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक गर्ग ने बताया कि सर्राफा और बजाजा बाजार में सबसे अधिक ज्वेलर्स की दुकानें हैं, जहां लाखों-करोड़ों रुपये के आभूषण और कीमती सामान रखा रहता है। उन्होंने कहा कि कई दुकानों में दोहरी शटर व्यवस्था है, जो सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यदि कार्रवाई के दौरान इनमें से किसी शटर को हटाया जाता है तो व्यापारी स्वयं को असुरक्षित महसूस करेंगे। इसलिए सुरक्षा इंतजामों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

बाजार की संरचना को बताया ऐतिहासिक विरासत

व्यापारियों का कहना है कि सर्राफा बाजार और बजाजा बाजार की अधिकांश संरचनाएं रियासतकालीन समय से चली आ रही हैं। नालों के ऊपर बने हिस्से और चबूतरे भी उसी दौर की व्यवस्था का हिस्सा हैं। उनका तर्क है कि वर्तमान में कोई नया निर्माण या अतिरिक्त अतिक्रमण नहीं किया गया है। ऐसे में किसी भी कार्रवाई से पहले ऐतिहासिक और व्यावसायिक परिस्थितियों का अध्ययन किया जाना चाहिए ताकि व्यापार और सुरक्षा दोनों प्रभावित न हों।

प्रशासन ने दिया विचार-विमर्श का आश्वासन

व्यापारियों के अनुसार नगर निगम आयुक्त ने उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि बिना विचार-विमर्श के कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रशासन पहले संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर पूरी स्थिति का आकलन करेगा और उसके बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। इससे व्यापारियों को कुछ राहत मिली है, हालांकि वे अभी भी स्पष्ट नीति और सुरक्षा व्यवस्था की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।

बाजारों में बढ़ी चर्चा, व्यापारियों की नजर प्रशासनिक फैसले पर

अतिक्रमण हटाने की संभावित कार्रवाई को लेकर बाजारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। व्यापारी चाहते हैं कि प्रशासन व्यापारिक हितों, सुरक्षा आवश्यकताओं और ऐतिहासिक संरचनाओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय ले। फिलहाल सभी की नजर आगामी बैठकों और प्रशासन की ओर से तैयार की जाने वाली रूपरेखा पर टिकी हुई है।

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