‘रामायण’ की सीता दीपिका चिखलिया का मॉडर्न लुक भी नहीं बदल पाया फैन्स का सम्मान
रामानंद सागर की ऐतिहासिक ‘रामायण’ में सीता का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली दीपिका चिखलिया एक बार फिर चर्चा में हैं। लंबे समय बाद सार्वजनिक रूप से नजर आईं अभिनेत्री का मॉडर्न लुक देखने के बावजूद प्रशंसकों ने उन्हें उसी श्रद्धा के साथ ‘सीता माता’ के रूप में याद किया। उनकी सादगी और विनम्रता ने एक बार फिर लोगों का दिल जीत लिया।
जीन्स-शर्ट में दिखीं दीपिका, फिर भी लोगों ने किया प्रणाम
रामानंद सागर की ‘रामायण’ में सीता का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया हाल ही में कई महीनों बाद सार्वजनिक रूप से नजर आईं। इस दौरान उन्होंने जीन्स, सफेद शर्ट और काले चश्मे के साथ एक साधारण लेकिन आधुनिक लुक अपनाया हुआ था। हालांकि उनका अंदाज बदला हुआ दिखाई दिया, लेकिन प्रशंसकों के मन में उनके लिए वही श्रद्धा बरकरार रही। कई लोगों ने उन्हें देखते ही हाथ जोड़कर अभिवादन किया। दीपिका ने भी मुस्कुराते हुए लोगों का हालचाल पूछा और ‘जय श्री राम’ कहकर उनका अभिवादन स्वीकार किया।
सोशल मीडिया पर उमड़ा प्यार, लोगों ने याद की ‘सीता माता’ की सादगी
दीपिका चिखलिया के हालिया वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने उन्हें ‘ओरिजिनल सीता माता’ बताते हुए उनकी सादगी और शालीनता की तारीफ की। कुछ यूजर्स ने धार्मिक भावनाओं से जुड़े संदेश लिखे, जबकि कई लोगों ने केवल हाथ जोड़ने वाले इमोजी के जरिए अपनी श्रद्धा व्यक्त की। वर्षों बाद भी दर्शकों के दिलों में दीपिका की वही छवि कायम है, जिसने उन्हें भारतीय टेलीविजन इतिहास की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल किया।
सीता की पहचान को ही जीवनभर साथ रखना चाहती हैं अभिनेत्री
एक इंटरव्यू में दीपिका चिखलिया ने बताया था कि उन्हें एक धारावाहिक में माता कौशल्या का किरदार निभाने का प्रस्ताव मिला था। हालांकि परिवार की सलाह और अपनी सोच के कारण उन्होंने यह भूमिका स्वीकार नहीं की। उनका मानना है कि दर्शकों ने उन्हें जिस रूप में अपनाया है, उसी पहचान को बनाए रखना उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उन्हें सीता के रूप में जो सम्मान और प्रेम मिला है, वह किसी अन्य किरदार से बढ़कर है और वह इसी पहचान के साथ याद की जाना पसंद करती हैं।
35 वर्षों से निभा रही हैं अपनी छवि की जिम्मेदारी
दीपिका चिखलिया का कहना है कि ‘रामायण’ जैसा प्रभावशाली धारावाहिक दोबारा बनना आसान नहीं है और इसी कारण उनकी छवि भी लोगों के मन में स्थायी रूप से बस गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले 35 वर्षों से वह इस किरदार से जुड़ी जिम्मेदारी को महसूस करती रही हैं। अभिनेत्री के अनुसार, जब किसी कलाकार को जनता इतना सम्मान देती है तो उस विश्वास को बनाए रखना भी उसकी जिम्मेदारी बन जाती है। यही वजह है कि उन्होंने अपनी सार्वजनिक छवि को हमेशा मर्यादित और संतुलित रखा है।
किरदार की गरिमा बनाए रखने के लिए कई प्रस्ताव ठुकराए
दीपिका चिखलिया ने पहले यह भी खुलासा किया था कि उन्होंने अपने करियर में कुछ ऐसे प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया, जो उनकी स्थापित छवि के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने बताया कि एक बड़े प्रोडक्शन हाउस की परियोजना में उन्हें सिगरेट पकड़ने वाला दृश्य करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। उनका मानना है कि भले ही पर्दे पर निभाया गया किरदार वास्तविक जीवन से अलग हो, लेकिन उससे जुड़ी भावनाओं और लोगों की आस्था का सम्मान करना बेहद जरूरी है।