रानीगंज कोर्ट के बाहर हंगामा, TMC युवा नेता पर लोगों ने फेंके अंडे
पश्चिम बंगाल के रानीगंज में उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के युवा नेता सौमित्र बनर्जी को अदालत में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद लोगों ने पुलिस सुरक्षा के बीच उन पर अंडे फेंककर विरोध जताया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए नेता को सुरक्षित अदालत के भीतर पहुंचाया और मामले की जांच शुरू कर दी।
गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ले जाते समय हुआ विरोध
जानकारी के अनुसार सौमित्र बनर्जी को एक शिकायत के आधार पर पुलिस ने हिरासत में लिया था। उन पर राजनीतिक विरोधियों के साथ मारपीट और कथित तौर पर अवैध वसूली से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उन्हें रानीगंज कोर्ट लेकर पहुंची, तब वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और लोगों ने उन पर अंडे फेंक दिए। इस दौरान पुलिस को सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें अदालत तक पहुंचाना पड़ा।
पुलिस ने संभाली स्थिति
घटना के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और किसी भी बड़ी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पहले से मौजूद थी, जिसके कारण स्थिति जल्दी नियंत्रण में आ गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि विरोध प्रदर्शन पूर्व नियोजित था या अचानक हुआ।
आरोपों को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
सौमित्र बनर्जी की गिरफ्तारी के पीछे भाजपा नेता रवि केशरी की शिकायत बताई जा रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि TMC नेता ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने और कथित रूप से आर्थिक लाभ लेने की कोशिश की। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। इस बीच गिरफ्तारी और विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
एक दिन पहले भी TMC नेता बने थे निशाना
राज्य में यह पहला मामला नहीं है जब किसी TMC नेता के खिलाफ सार्वजनिक विरोध देखने को मिला हो। हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष के साथ भी ऐसी घटना सामने आई थी। कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान उन पर भी अंडे फेंके गए थे। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज कर दिया है और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
TMC के भीतर जारी राजनीतिक हलचल
इन घटनाओं के बीच TMC के भीतर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं और सांसदों के हालिया बयानों ने राज्य की राजनीति को और चर्चा में ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल रानीगंज की यह घटना राज्य की राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बनी हुई है।