जसपाल राणा के निधन के चार दिन बाद मां ने भी ली अंतिम सांस, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
भारतीय निशानेबाजी जगत के दिग्गज खिलाड़ी जसपाल राणा के निधन के कुछ ही दिनों बाद उनके परिवार पर एक और बड़ा दुख आ पड़ा। जसपाल राणा की मां श्यामा देवी राणा का भी निधन हो गया। परिवार और करीबी लोगों का कहना है कि इकलौते बेटे को खोने का सदमा वह सहन नहीं कर सकीं। लगातार बिगड़ती तबीयत के बीच उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। कुछ ही दिनों के अंतराल में हुई इन दो मौतों ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है।
बेटे की मौत का सदमा नहीं झेल सकीं श्यामा देवी
परिवार के अनुसार 78 वर्षीय श्यामा देवी राणा पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं, लेकिन जसपाल राणा के निधन के बाद उनकी हालत और अधिक बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि बेटे की अचानक मौत ने उन्हें मानसिक रूप से गहरा आघात पहुंचाया था। लगातार चिंता और सदमे के कारण उनका स्वास्थ्य प्रभावित होता गया। उन्हें उपचार के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। बावजूद इसके उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और मंगलवार को उनका निधन हो गया।
कुछ ही दिनों में परिवार ने खोए दो सदस्य
राणा परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन साबित हुआ है। पहले भारतीय निशानेबाजी के प्रतिष्ठित नाम जसपाल राणा का निधन हुआ और उसके कुछ ही दिनों बाद उनकी मां ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के लिए यह दोहरा आघात है। क्षेत्र में भी शोक का माहौल है, क्योंकि राणा परिवार सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में लंबे समय से सक्रिय रहा है। लगातार दो दुखद घटनाओं ने परिवार को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से है पारिवारिक संबंध
जसपाल राणा का परिवार देश की राजनीति और सार्वजनिक जीवन से भी जुड़ा हुआ है। उनकी बहन सुषमा राणा का विवाह उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और विधायक पंकज सिंह से हुआ है, जो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र हैं। इस नाते राणा परिवार और राजनाथ सिंह का पारिवारिक संबंध भी है। परिवार में हुए इस दुखद घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
भारतीय खेल जगत के चमकते सितारे थे जसपाल राणा
जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैकड़ों पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई रिकॉर्ड बनाए और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने। खेल क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा गया था। उनके निधन से भारतीय खेल जगत को बड़ी क्षति पहुंची है, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं मानी जा रही।
अंतिम इच्छा के अनुरूप हुआ था अंतिम संस्कार
जसपाल राणा के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार वाराणसी में किया गया था। परिवार के अनुसार उन्होंने जीवनकाल में कई बार अपनी अंतिम इच्छा व्यक्त की थी कि उनका अंतिम संस्कार काशी में हो। इसी इच्छा का सम्मान करते हुए परिवार ने उनके पार्थिव शरीर को वाराणसी ले जाकर पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम विदाई दी। खेल प्रेमियों, शुभचिंतकों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की थी।