पुरानी कार में E20 पेट्रोल से इंजन खराब हुआ तो मिलेगा इंश्योरेंस क्लेम? जानिए नियम
अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच E20 पेट्रोल एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि हर वाहन E20 फ्यूल के लिए उपयुक्त नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पुरानी या गैर-E20 कंपैटिबल कार में इस फ्यूल के इस्तेमाल से इंजन को नुकसान होता है, तो बीमा क्लेम पर भी असर पड़ सकता है।
क्या है E20 पेट्रोल और क्यों हो रही इसकी चर्चा?
E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत सामान्य पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार और तेल कंपनियां इथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दे रही हैं, लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ती तेल कीमतों के बीच यह फ्यूल फिर से चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सभी वाहनों के इंजन E20 के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं, इसलिए इसका उपयोग करने से पहले वाहन की क्षमता की जांच करना जरूरी है।
E20 कंपैटिबल इंजन क्यों होते हैं अलग?
E20 के लिए तैयार किए गए वाहनों में फ्यूल पाइप, गैस्केट और इंजन सिस्टम को विशेष रूप से इथेनॉल मिश्रित ईंधन के अनुरूप बनाया जाता है। इथेनॉल का दहन सामान्य पेट्रोल से अलग तरीके से होता है, जिससे पुराने या गैर-अनुकूल इंजन के कुछ हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसी कारण वाहन निर्माता केवल उन्हीं मॉडलों में E20 के उपयोग की सलाह देते हैं, जिन्हें इसके लिए प्रमाणित किया गया हो।
इंजन खराब होने पर मिलेगा बीमा क्लेम या नहीं?
बीमा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी ऐसी कार में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जाता है जो इसके लिए उपयुक्त नहीं है और इससे इंजन को नुकसान पहुंचता है, तो बीमा कंपनी इसे गलत उपयोग या लापरवाही मान सकती है। ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस क्लेम खारिज होने की संभावना बढ़ जाती है और मरम्मत का पूरा खर्च वाहन मालिक को खुद उठाना पड़ सकता है।
E20 कंपैटिबल वाहन मालिकों को नहीं होगी परेशानी
अगर आपकी कार E20 कंपैटिबल है और निर्माता ने इस ईंधन के उपयोग की अनुमति दी है, तो इंश्योरेंस क्लेम पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पुराने वाहन मालिक E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने से पहले अपनी कार की तकनीकी जानकारी जरूर जांच लें। सही ईंधन का चयन न केवल इंजन की उम्र बढ़ाता है, बल्कि अनावश्यक आर्थिक नुकसान से भी बचाता है।