बक्सर में 132 फीट मोबाइल टॉवर गायब: 9 साल पुराने विवाद का खुलासा
बिहार के बक्सर जिले में 132 फीट ऊंचा मोबाइल टॉवर, जनरेटर और अन्य उपकरण अचानक गायब होने की घटना ने शुरुआत में चोरी की सनसनी फैला दी। लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई शातिर चोरी नहीं, बल्कि 9 साल पुराने विवाद का नतीजा था। जमीन मालिक और कंपनी के बीच लंबे समय से चल रहे भुगतान विवाद के चलते यह पूरा मामला उलझ गया। जांच में पता चला कि टॉवर के कुछ हिस्से हटाए गए और जनरेटर को भी दूसरे स्थान पर रखा गया था।
टॉवर रीस्टार्ट करने पहुंची टीम को मिला खाली प्लॉट
GTL इंफ्रास्ट्रक्चर का यह मोबाइल टॉवर वर्ष 2009 में लगाया गया था, जो तकनीकी खराबी और रखरखाव के अभाव में लंबे समय से बंद पड़ा था। जब कंपनी की तकनीकी टीम इसे दोबारा शुरू करने के लिए मौके पर पहुंची, तो वहां टॉवर गायब मिला। टीम को न केवल 132 फीट ऊंचा ढांचा नहीं मिला, बल्कि वहां लगा जनरेटर और अन्य महंगे उपकरण भी नदारद थे। इसके बाद कंपनी ने तुरंत डुमरांव थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस जांच में सामने आया 9 साल पुराना विवाद
डुमरांव पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच शुरू की तो कहानी पूरी तरह बदल गई। जांच में पता चला कि यह घटना किसी गिरोह द्वारा की गई चोरी नहीं थी, बल्कि जमीन मालिक और कंपनी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का परिणाम थी। पुलिस के अनुसार 2017 के बाद कंपनी ने जमीन मालिक को किराया देना बंद कर दिया था, जिससे दोनों पक्षों में तनाव बढ़ता गया। इसी विवाद के चलते जमीन मालिक ने नाराज होकर टॉवर के कुछ हिस्सों को हटाने की बात स्वीकार की।
बकाया भुगतान न मिलने से बढ़ा विवाद
जांच में यह भी सामने आया कि 2009 से 2017 तक कंपनी नियमित रूप से भुगतान कर रही थी, लेकिन इसके बाद भुगतान पूरी तरह बंद हो गया। इसके अलावा एक समझौते के तहत कंपनी ने गार्ड की नियुक्ति और 3000 रुपये मासिक वेतन देने की बात कही थी, जो कथित तौर पर लंबे समय से नहीं दिया गया। इसी आर्थिक विवाद और उपेक्षा के कारण जमीन मालिक नाराज हो गया और स्थिति धीरे-धीरे गंभीर रूप लेती गई। पुलिस के अनुसार यही नाराजगी पूरे मामले की जड़ बनी।
जनरेटर मिला, बाकी उपकरणों की तलाश जारी
पुलिस जांच में 15 KVA का जनरेटर चक्की ब्लॉक के एक होटल संचालक के पास से बरामद किया गया। जमीन मालिक ने बताया कि उसने जनरेटर कबाड़ी को नहीं बेचा, बल्कि सुरक्षित रखने के लिए रखा था। हालांकि, 132 फीट ऊंचे टॉवर के कई लोहे के हिस्से और अन्य छोटे उपकरण अभी भी गायब हैं। पुलिस को आशंका है कि कुछ सामान कबाड़ियों को बेचा गया हो सकता है। मामले में आगे की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।