‘वो डायरेक्शन के लिए ही बने हैं’, Farhan Akhtar पर दिल खोलकर बोले Saif Ali Khan
हिंदी सिनेमा की प्रतिष्ठित फिल्मों में शामिल ‘दिल चाहता है’ अपनी रिलीज के 25 साल पूरे करने जा रही है। इस खास मौके से पहले फिल्म में समीर का किरदार निभाने वाले सैफ अली खान ने निर्देशक फरहान अख्तर की जमकर तारीफ की है। सैफ ने कहा कि फरहान में शुरू से ही एक अलग आत्मविश्वास था और उन्हें देखकर ऐसा लगता था मानो उनका जन्म ही निर्देशन के लिए हुआ हो। अभिनेता ने फिल्म की शूटिंग से जुड़ी कई यादें भी साझा कीं।
‘दिल चाहता है’ की शूटिंग किसी छुट्टी से कम नहीं थी
सैफ अली खान ने फिल्म की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए कहा कि यह अनुभव काम से ज्यादा एक शानदार वेकेशन जैसा था। गोवा में हुई शूटिंग के दौरान पूरी टीम ने काफी मजेदार समय बिताया। दिन में शूटिंग और रात में दोस्तों की तरह साथ समय बिताने का माहौल पूरी यूनिट को एक परिवार की तरह जोड़ता था। सैफ के अनुसार, उस दौर में सभी कलाकार युवा थे और उनमें काम के साथ-साथ जिंदगी को खुलकर जीने का भी भरपूर उत्साह था।
प्रोफेशनलिज्म के लिए टीम को दिया श्रेय
अभिनेता ने बताया कि ‘दिल चाहता है’ की टीम बेहद व्यवस्थित और प्रोफेशनल थी। उन्होंने कहा कि फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद जितने दिनों की शूटिंग का अनुमान लगाया गया था, काम ठीक उसी समय सीमा के भीतर पूरा हो गया। सैफ के मुताबिक, उस दौर में इतनी व्यवस्थित कार्यशैली कम देखने को मिलती थी और फिल्म की पूरी टीम ने हिंदी सिनेमा में एक नया प्रोफेशनल स्टैंडर्ड स्थापित किया।
फरहान अख्तर के आत्मविश्वास ने किया प्रभावित
फरहान अख्तर की यह बतौर निर्देशक पहली फिल्म थी, लेकिन सैफ के अनुसार सेट पर उनके काम करने का अंदाज किसी अनुभवी फिल्ममेकर जैसा था। उन्होंने कहा कि फरहान हर स्थिति को बेहद सहजता से संभालते थे और उनकी स्पष्ट सोच ने कलाकारों का काम आसान बना दिया था। सैफ ने मजाकिया अंदाज में कहा कि कलाकारों को केवल अपने संवाद याद रखने होते थे, क्योंकि बाकी सभी चीजें फरहान पहले से पूरी तैयारी के साथ संभाल लेते थे।
दोस्ती और रिश्तों की कहानी बनी थी ‘दिल चाहता है’
साल 2001 में रिलीज हुई ‘दिल चाहता है’ में आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना ने तीन दोस्तों की भूमिका निभाई थी। फिल्म ने दोस्ती, प्यार और जिंदगी के बदलते रिश्तों को नए अंदाज में पर्दे पर पेश किया था। समय के साथ यह फिल्म दर्शकों के बीच एक कल्ट क्लासिक का दर्जा हासिल कर चुकी है। आज भी इसके किरदार और संवाद सिनेमा प्रेमियों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं, जितने रिलीज के समय थे।