ओमान की खाड़ी में ‘एमटी जलवीर’ पर अमेरिकी कार्रवाई, जहाज़ पर सवार 20 भारतीय सुरक्षित
ओमान की खाड़ी में गिनी-बसाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर ‘एमटी जलवीर’ को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उसके बलों ने जहाज़ के खिलाफ कार्रवाई की। इस जहाज़ पर 20 भारतीय नाविक सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बताया गया है। भारत सरकार और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
भारत सरकार ने दी भारतीय नाविकों की सुरक्षा की जानकारी
पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल के अनुसार, 11 जून को ओमान के शिनास बंदरगाह के पास ‘एमटी जलवीर’ एक सुरक्षा घटना की चपेट में आ गया। जहाज़ पर मौजूद सभी 20 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, नाविकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है और अधिकांश लोगों को निकाल लिया गया है।
अमेरिका ने नाकेबंदी उल्लंघन का लगाया आरोप
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि गिनी-बसाऊ के झंडे वाला यह जहाज़ ओमान की खाड़ी के रास्ते कथित तौर पर ईरानी तेल की ढुलाई कर रहा था और उसने लागू नाकेबंदी का उल्लंघन किया। इसी आधार पर अमेरिकी बलों ने जहाज़ के खिलाफ कार्रवाई की। हालांकि इस मामले में अन्य पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे भी सामने आ रहे हैं।
इस सप्ताह ओमान की खाड़ी में तीसरी कार्रवाई
सेंटकॉम के अनुसार, ‘एमटी जलवीर’ इस सप्ताह ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई का तीसरा मामला है। इससे पहले ‘मारिवेक्स’ और ‘सेटेबेलो’ नामक जहाज़ों को भी निशाना बनाया गया था। लगातार हो रही इन घटनाओं ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
भारतीय एजेंसियां लगातार बनाए हुए हैं संपर्क
भारत सरकार ने कहा है कि विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मिशन, भारतीय नौसेना और अन्य संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।