कोटा महंत हत्याकांड का खुलासा, 6 दिन बाद पुलिस ने आरोपियों को दबोचा
कोटा के चर्चित महंत देवानंद महाराज हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। छह दिन तक लगातार चली जांच और तलाश अभियान के बाद पुलिस ने हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल कोटा बल्कि पूरे राजस्थान में लोगों को झकझोर दिया था। घटना के बाद संत समाज, धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। अब पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ हत्या के पीछे की वजह और पूरी साजिश का खुलासा करने की तैयारी में है।
छह दिन तक चली सघन जांच, पुलिस को मिली सफलता
महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच अभियान शुरू किया था। विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों के साथ तकनीकी विशेषज्ञों को भी जांच में शामिल किया गया। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई। लगातार छह दिनों तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस ने हत्या में शामिल आरोपियों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ा जा रहा है।
चंद्रेसल मठ में हुई थी नृशंस वारदात
यह हत्याकांड बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक चंद्रेसल मठ में हुआ था। जानकारी के अनुसार महंत देवानंद महाराज रात के समय अपने कमरे में विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
हत्या के बाद संत समाज और संगठनों में आक्रोश
महंत की हत्या की खबर सामने आते ही धार्मिक संगठनों और संत समाज में भारी रोष फैल गया था। विभिन्न संगठनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किए। स्थानीय लोगों ने इस घटना को धार्मिक स्थल की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस पर भी मामले को जल्द सुलझाने का दबाव था। लगातार हो रहे विरोध और जनभावनाओं को देखते हुए पुलिस ने जांच को प्राथमिकता देते हुए कई विशेष टीमें गठित की थीं।
सवाई माधोपुर तक पसरा शोक का माहौल
महंत देवानंद महाराज मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के राजमना गांव के निवासी थे। उनके निधन की खबर से कोटा के साथ-साथ उनके गृह क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल हुए। लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी सामाजिक और धार्मिक सेवाओं को याद किया। अंतिम संस्कार के दौरान भी लोगों ने हत्यारों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग उठाई थी।
पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में करेगी पूरे मामले का खुलासा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब मामले के कई अहम पहलू सामने आए हैं। पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हत्या के पीछे की मंशा, आरोपियों की भूमिका और पूरी साजिश का खुलासा करेगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश या अन्य कारण था या नहीं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।