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अलवर में किसानों और पशुपालकों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर, जिला कलक्टर ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की

अलवर जिला प्रशासन ने किसानों और पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया है। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने कृषि, उद्यानिकी, डेयरी और सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाई जाएं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएं।

योजनाओं के जरिए किसानों और पशुपालकों को आर्थिक मजबूती देने पर फोकस

जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बैठक में कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाना तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने जिला परिषद के सीईओ, पशुपालन विभाग, डेयरी और कॉपरेटिव बैंक के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र पशुपालकों को मंगला पशु बीमा योजना और मनरेगा के तहत संचालित कैटल शेड योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवार इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

डेयरी समितियों के विस्तार और बैंकिंग सुविधाओं पर जोर

बैठक में डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए उन गांवों में नई डेयरी समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए जहां अभी तक ऐसी समितियां नहीं हैं। जिला कलक्टर ने डेयरी प्रबंधन को आगामी तीन माह के भीतर जिले में डेयरी नेटवर्क का विस्तार करने के लिए कहा। साथ ही उन्होंने कृषकों और पशुपालकों के बैंक खाते कॉपरेटिव बैंक में खुलवाने पर बल दिया ताकि उन्हें कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी वित्तीय योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। इससे ग्रामीणों की बैंकिंग पहुंच भी बेहतर होगी।

सहकारिता क्षेत्र में पैक्स के विस्तार और डिजिटलीकरण पर बल

सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान जिला कलक्टर ने नई बहुउद्देशीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन में हुए कार्यों की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन गांवों में अभी तक पैक्स का गठन नहीं हुआ है वहां जल्द प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही ई-पैक्स योजना के तहत शेष 148 पैक्स को 30 जून तक कम्प्यूटरीकृत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक में एक पैक्स पर कस्टम हायरिंग सेंटर विकसित करने की आवश्यकता भी बताई, जिससे किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध होने के साथ अतिरिक्त आय के अवसर भी मिल सकें।

आधुनिक खेती और ऑर्गेनिक फार्मिंग को मिलेगा बढ़ावा

कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ-साथ जैविक खेती के प्रति भी जागरूक किया जाए। इसके लिए कृषक वैज्ञानिक संवाद, कार्यशालाएं, कृषि मेले और एक्सपोजर विजिट आयोजित करने पर जोर दिया गया। जिला कलक्टर ने कहा कि कृषि और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक किसान नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ा सकें। उन्होंने किसानों को योजनाओं से जोड़ने के लिए नियमित जनसंपर्क गतिविधियां संचालित करने के भी निर्देश दिए।

विभागीय समन्वय से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

बैठक के अंत में जिला कलक्टर ने कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, डेयरी और पंचायती राज विभागों को एक साझा रणनीति के तहत कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि सभी विभाग समन्वय के साथ योजनाओं को लागू करेंगे तो किसानों और पशुपालकों को अधिक लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। बैठक में अम्बा लाल मीणा, के.एम. शर्मा, गुलाब मीणा, पी.सी. मीणा, के.एल. मीणा, राकेश विजय, मिनाक्षी मीणा, अंजू जाटव, राहुल और विनोद जुनेजा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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