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FSSAI ने बताए मिलावटी मसालों की पहचान के आसान तरीके, छोटी सावधानी से टल सकता है बड़ी बीमारियों का खतरा

भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले हल्दी, लाल मिर्च, धनिया और काली मिर्च जैसे मसाले स्वाद के साथ सेहत से भी जुड़े होते हैं। लेकिन इनमें मिलावट शरीर के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कुछ आसान घरेलू परीक्षण सुझाए हैं, जिनकी मदद से लोग घर बैठे मसालों की शुद्धता की जांच कर सकते हैं और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से बच सकते हैं।

हल्दी में मिलावट से बढ़ सकता है स्वास्थ्य जोखिम

हल्दी अपने औषधीय गुणों के कारण भारतीय घरों का अहम हिस्सा मानी जाती है, लेकिन कई बार इसे अधिक चमकीला दिखाने के लिए कृत्रिम रंग या हानिकारक तत्व मिलाए जाते हैं। लंबे समय तक ऐसी हल्दी का सेवन पाचन तंत्र और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसकी जांच के लिए एक गिलास पानी में हल्दी पाउडर डालें। यदि हल्दी धीरे-धीरे नीचे बैठ जाए तो इसे सामान्य माना जा सकता है, जबकि पानी का रंग तुरंत गहरा पीला हो जाए तो मिलावट की आशंका हो सकती है।

लाल मिर्च पाउडर की चमक बन सकती है परेशानी की वजह

बाजार में आकर्षक दिखने वाली लाल मिर्च में कई बार कृत्रिम रंग और अन्य सस्ते पदार्थ मिला दिए जाते हैं। इससे पेट में जलन, एलर्जी और पाचन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसकी पहचान के लिए लाल मिर्च पाउडर को पानी में डालकर देखें। यदि पानी में अलग से लाल रंग फैलने लगे या नीचे भारी कण जमा दिखाई दें, तो यह मिलावट का संकेत माना जा सकता है।

धनिया पाउडर में भूसी और बुरादे की मिलावट का खतरा

धनिया पाउडर में गुणवत्ता बढ़ाने के बजाय कई बार भूसी, बुरादा या स्टार्च जैसे पदार्थ मिला दिए जाते हैं। इससे मसाले की शुद्धता प्रभावित होती है और पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसकी जांच के लिए धनिया पाउडर को पानी में डालें। यदि हल्के कण या भूसी ऊपर तैरती दिखाई दे तो यह मिलावट की ओर संकेत कर सकता है। ऐसे में उत्पाद की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

काली मिर्च में मिलाए जा सकते हैं दूसरे बीज

काली मिर्च में पपीते के सूखे बीज जैसी मिलावट की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। देखने में समान होने के कारण इन्हें पहचानना मुश्किल हो सकता है। हालांकि इससे गंभीर विषाक्तता का खतरा कम माना जाता है, लेकिन मसाले के वास्तविक गुण कम हो जाते हैं। इसकी पहचान के लिए दानों को पानी में डालें। असली काली मिर्च सामान्यतः नीचे बैठ जाती है, जबकि हल्के बीज ऊपर तैर सकते हैं।

मसाले खरीदते समय बरतें अतिरिक्त सावधानी

विशेषज्ञों का मानना है कि मसाले खरीदते समय केवल रंग या कीमत के आधार पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। हमेशा विश्वसनीय दुकानदार या भरोसेमंद ब्रांड का चयन करना चाहिए। पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर, पैकिंग तिथि और एक्सपायरी डेट की जांच करना भी जरूरी है। यदि संभव हो तो साबुत मसाले खरीदकर घर पर पीसना अधिक सुरक्षित विकल्प माना जाता है, जिससे परिवार के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा की जा सकती है।

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