खैरथल-तिजारा में खाद्य जांच में बड़ा खुलासा, 48 में से 11 नमूने फेल; कारोबारियों पर 9.30 लाख का जुर्माना
खैरथल-तिजारा जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की जांच में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जनवरी 2026 से मई 2026 के बीच लिए गए 48 खाद्य नमूनों में से 11 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें कई नमूने असुरक्षित और कुछ अवमानक पाए गए। विभाग ने विभिन्न प्रकरणों में खाद्य कारोबारियों पर कुल 9.30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
48 नमूनों की जांच में 11 फेल
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों से 48 खाद्य नमूने लेकर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में 11 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इनमें कुछ नमूनों को Unsafe Food (असुरक्षित खाद्य) और कुछ को Sub-standard (अवमानक) श्रेणी में रखा गया।
पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में मिली गड़बड़ी
जांच में भिवाड़ी स्थित हरियाणा पनीर डेयरी, मोर्ईन स्वीट्स (मेवात), देव बेकरी और टपूकड़ा के आरजे-40 रेस्टोरेंट का पनीर असुरक्षित पाया गया। वहीं आरजे-40 रेस्टोरेंट का दही अवमानक श्रेणी में मिला। इसके अलावा डी-मार्ट भिवाड़ी की हींग तथा खैरथल के जोधपुर मिष्ठान भंडार की मावा मिठाई भी निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी।
पुराने मामलों में भी हुई कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया कि पुराने मामलों में एडीएम कोर्ट द्वारा सुनवाई के बाद विभिन्न खाद्य कारोबारियों पर जुर्माना लगाया गया। विभाग की कार्रवाई में तिजारा, खैरथल, कोटकासिम, मुंडावर, टपूकड़ा और भिवाड़ी क्षेत्र के कई प्रतिष्ठान शामिल रहे।
कुल 9.30 लाख रुपये की पेनल्टी
विभाग के अनुसार विभिन्न मामलों में कुल 9 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। सबसे अधिक एक-एक लाख रुपये की पेनल्टी स्टार रेस्टोरेंट खैरथल, यशी मावा भंडार तिजारा, नारायण दास श्याम दास खैरथल और विवेक सैनी तिजारा पर लगाई गई। इसके अलावा अन्य प्रतिष्ठानों पर 10 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया।
लगातार जारी रहेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान जारी रहेंगे। खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने आमजन से भी खाद्य गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने पर सूचना देने की अपील की है।